राजस्व महाअभियान : 9 दिनों में लगे 1584 शिविर, आए 50 हजार से अधिक आवेदन

पटना, 25 अगस्त।राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा राज्य भर में चलाया जा रहा राजस्व महाअभियान तेजी से परिणाम दिखा रहा है। 16 अगस्त से शुरू हुए इस अभियान के तहत अब तक नौ दिनों (19 अगस्त से 24 अगस्त) में 38 जिलों में कुल 1584 शिविर आयोजित किए गए हैं। इन शिविरों में अब तक 50 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं।

आवेदनों का ब्योरा

शिविरों में आए आवेदनों का अधिकांश हिस्सा जमाबंदी पंजी में सुधार से संबंधित है।

  • जमाबंदी सुधार के आवेदन – 38,340
  • ऑफलाइन जमाबंदी को ऑनलाइन करने के आवेदन – 7,246
  • उत्तराधिकार नामांतरण के आवेदन – 1,465
  • बंटवारा नामांतरण के आवेदन – 1,368

जिलेवार स्थिति

आवेदन संख्या के लिहाज से अररिया (5,654) पहले स्थान पर है। खगड़िया (3,131) दूसरे और सुपौल (2,754) तीसरे स्थान पर है। अन्य जिलों में भी अच्छी संख्या में आवेदन दर्ज किए गए हैं।

जमाबंदी पंजी वितरण की प्रगति

राज्य भर में कुल 3 करोड़ 60 लाख के करीब जमाबंदियां दर्ज हैं। इनमें से 1 करोड़ 27 लाख 26 हजार से अधिक जमाबंदी पंजी की प्रति अब तक ग्रामीण परिवारों को उपलब्ध कराई जा चुकी है। यह कुल लक्ष्य का 35.36% है।

वितरण में टॉप जिले :

  • वैशाली – 73.54%
  • अरवल – 61.98%
  • कैमूर – 61.58%

अन्य उत्कृष्ट जिले :

गोपालगंज (61.14%), खगड़िया (60.26%), सीतामढ़ी (59.26%), जहानाबाद (57.12%), अररिया (51.50%), शेखपुरा (51.43%) और पूर्णिया (50.69%)।

शीर्ष 20 में शामिल अन्य जिले :

मधुबनी (46.45%), बक्सर (45.94%), भोजपुर (43.92%), मुजफ्फरपुर (41.76%), किशनगंज (39.81%), शिवहर (35.69%), सिवान (35.41%), दरभंगा (33.67%), मधेपुरा (32.91%) और नालंदा (32.38%)।

पटना, बेगूसराय, गया, कटिहार, सहरसा, समस्तीपुर और सारण समेत अन्य जिलों में भी वितरण की स्थिति संतोषजनक बताई गई है।

अभियान का लक्ष्य और प्रक्रिया

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने बताया कि लक्ष्य है कि 15 सितम्बर तक राज्य के सभी पात्र परिवारों को जमाबंदी पंजी की प्रति उपलब्ध करा दी जाए।

इसके लिए पंचायत स्तर पर शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। अंचल स्तर की टीम ग्रामीणों को जमाबंदी पंजी की प्रति, आवेदन प्रपत्र और पंपलेट उपलब्ध करा रही है। ग्रामीण इन दस्तावेजों के आधार पर आवेदन शिविर में जमा करते हैं। आवेदन के समय मोबाइल पर OTP के जरिए पंजीकरण होता है और उसके बाद आवेदन की कार्रवाई की सूचना आवेदक को लगातार मोबाइल पर मिलती रहती है।

क्या मिल रही सुविधा?

अभियान के दौरान ग्रामीणों को निम्नलिखित सेवाएं दी जा रही हैं –

  • जमाबंदी की गलतियों में सुधार
  • ऑफलाइन जमाबंदी को ऑनलाइन करना
  • उत्तराधिकार नामांतरण
  • बंटवारा नामांतरण

 

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