बिहार के भूमि सुधार एवं राजस्व विभाग ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश देते हुए मसौढ़ी अंचल कार्यालय के तत्कालीन राजस्व कर्मचारी राजा कुमार को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। यह कार्रवाई बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के तहत जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने की।
निगरानी ने घूस लेते दबोचा
जानकारी के मुताबिक, राजा कुमार को 23 दिसंबर 2025 को मसौढ़ी प्रखंड कार्यालय परिसर में परिमार्जन आवेदनों के निष्पादन के एवज में एक लाख रुपए की घूस मांगते हुए निगरानी विभाग की टीम ने गिरफ्तार किया था।
विभागीय जांच में दोष सिद्ध
अपर समाहर्ता-सह-संचालन पदाधिकारी, पटना की जांच रिपोर्ट में सभी आरोप पूर्णतः प्रमाणित पाए गए। विभाग ने कहा कि आरोपी को सेवा में बनाए रखना लोकहित के विपरीत होगा, इसलिए उसे तुरंत बर्खास्त किया गया। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि विभागीय कार्रवाई से आरोपी के विरुद्ध लंबित आपराधिक कार्रवाई प्रभावित नहीं होगी।
उपमुख्यमंत्री का सख्त संदेश
उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा:
“राजस्व विभाग में रिश्वतखोरी बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो अधिकारी या कर्मचारी आम जनों को परेशान करेगा और भ्रष्टाचार में संलिप्त पाया जाएगा, उसे किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। विभाग की पहल पर रिकॉर्ड समय में बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई है, ताकि स्पष्ट संदेश जाए कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।”
मामला क्या था?
मसौढ़ी अंचल के भदौरा मौजा में राजा कुमार परिमार्जन के नाम पर एक शख्स से 1 लाख रुपए की घूस ले रहे थे। निगरानी विभाग ने जाल बिछाकर उन्हें दबोचा।


