
सिवान, बिहार: सिवान जिले से वन्य जीव संरक्षण को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। वन विभाग और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर बड़हरिया क्षेत्र में छापेमारी कर अवैध रूप से रखे गए हाथियों को रेस्क्यू किया है। बताया जा रहा है कि इन हाथियों को पश्चिम बंगाल से लाकर संदिग्ध परिस्थितियों में छिपाकर रखा गया था।
आश्रम से गायब हुए थे ‘सुमन, भोला और बसंती’
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि ‘सुमन’, ‘भोला’ और ‘बसंती’ नाम के तीन हाथी एक आश्रम में रखे गए थे। जब वन विभाग की टीम सत्यापन के लिए वहां पहुंची, तो तीनों हाथी गायब मिले। इसके बाद जांच तेज की गई, जिसमें पता चला कि हाथियों को सिवान जिले के बड़हरिया थाना क्षेत्र में गुप्त रूप से शिफ्ट कर दिया गया था।
फरवरी 2026 में एक हाथी की मौत
जांच के दौरान एक दुखद तथ्य भी सामने आया है। तीनों हाथियों में से एक की मौत फरवरी 2026 में हो चुकी है। हाथी की मौत किन परिस्थितियों में हुई, क्या उसे पर्याप्त भोजन और इलाज मिल रहा था—इन सभी पहलुओं पर वन विभाग गहन जांच कर रहा है। मृत हाथी की जानकारी छिपाने के मामले में भी संबंधित लोगों पर कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
संयुक्त ऑपरेशन में दो हाथियों को बचाया गया
वन विभाग और बड़हरिया थाना पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर बाकी बचे दो हाथियों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है। पूरी कार्रवाई सावधानीपूर्वक की गई ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। दोनों हाथियों को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है, जहां उनकी देखभाल की जा रही है।
प्रशासन की अपील
कार्रवाई के बाद वन विभाग और जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वन्य जीवों का अवैध व्यापार या बिना अनुमति उन्हें रखना कानूनन अपराध है। यदि कहीं भी इस प्रकार की कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें।
यह घटना एक बार फिर वन्य जीवों की सुरक्षा और उनके संरक्षण के प्रति सतर्कता की आवश्यकता को रेखांकित करती है।


