विश्वामित्र पार्क, मां मुंडेश्वरी धाम, गुप्ताधाम और बोटहाउस कैंप से बढ़ेगा पर्यटन
पटना, 26 अगस्त।बिहार सरकार ने धार्मिक व सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक साथ कई परियोजनाओं की शुरुआत की है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. सुनील कुमार ने सोमवार को बक्सर जिले में “महर्षि विश्वामित्र पार्क” का शिलान्यास किया।
महर्षि विश्वामित्र पार्क, बक्सर
- सोन नहर के स्केप चैनल के दोनों ओर विकसित होगा।
- सुविधाएं: वॉकिंग ट्रैक, ओपन जिम, योगा पार्क, एम्फीथिएटर, हैंगिंग ब्रिज, ग्रामीण हाट, जेन गार्डन, कैफेटेरिया और बच्चों का जोन।
- खास आकर्षण: गंगा तट पर महर्षि विश्वामित्र की आदमकद प्रतिमा और “सिद्धाश्रम म्यूजियम”।
- पर्यावरण संरक्षण: दूषित जल निस्तारण हेतु मिनी एसटीपी और बायो-रेमेडिएशन तकनीक का उपयोग।
गुप्ताधाम ईको-पर्यटन योजना, रोहतास
- लागत: 14.91 करोड़ रुपये।
- नई सुविधाएं: धर्मशाला, खान-पान क्षेत्र, शौचालय, बिजली-पानी की व्यवस्था, नया प्रवेश द्वार।
- विशेष आकर्षण: शिवलिंग का लाइव टेलिकास्ट बड़े एलईडी स्क्रीन पर।
- सभी व्यवस्थाएं सौर ऊर्जा से संचालित होंगी।
मां मुंडेश्वरी धाम, कैमूर
- मंदिर परिसर के जीर्णोद्धार कार्य का शिलान्यास।
- मंदिर तक जाने वाले रास्ते का चौड़ीकरण।
बोटहाउस कैंप, करमचट डैम (रोहतास)
- बिहार की पहली बोटहाउस कैंप परियोजना की शुरुआत।
- एसी युक्त कमरे, किचन और 10 लोगों के बैठने की क्षमता।
- झील पर्यटन को नई पहचान।
मंत्री का बयान
डॉ. सुनील कुमार ने कहा –
“हमारा उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना है। यह क्षेत्र लंबे समय तक स्थायी रहता है और लोगों की आस्था से जुड़ा होता है। राजगीर में हमारे विभाग ने काम किया, जिसका अच्छा परिणाम सामने आया है। अब अन्य क्षेत्रों में भी ऐसी योजनाएं शुरू की जा रही हैं ताकि क्षेत्रीय असमानता दूर हो और पर्यटन को नया आयाम मिले।”
इन योजनाओं से न केवल बिहार की सांस्कृतिक पहचान को नई दिशा मिलेगी, बल्कि रोजगार और पर्यटन क्षेत्र में भी बड़ा असर दिखेगा।


