
छात्रा मौत कांड के बाद पुलिस मुख्यालय का बड़ा निर्देश, 24 घंटे महिला वार्डन और सीसीटीवी जरूरी
पटना। बिहार में संचालित सभी गर्ल्स हॉस्टल और लॉज के लिए अब कड़े सुरक्षा नियम लागू कर दिए गए हैं। पुलिस मुख्यालय ने राज्यभर के पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि हर गर्ल्स हॉस्टल और लॉज का संबंधित थाने में पंजीकरण अनिवार्य होगा। बिना पंजीकरण संचालित हॉस्टलों पर कार्रवाई की जाएगी।
यह निर्देश पटना में एक निजी हॉस्टल में रह रही छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद जारी किया गया है, जिसके बाद छात्रावासों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे थे। अब सरकार और पुलिस मुख्यालय ने इसे लेकर राज्यव्यापी सख्ती शुरू कर दी है।
गृह विभाग की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुपालन का जिम्मा जिलों के पुलिस प्रशासन को दिया गया है। सीआईडी के एडीजी (कमजोर वर्ग) ने सभी एसपी को पत्र लिखकर तत्काल प्रभाव से नियम लागू कराने को कहा है।
ये नियम अब हर गर्ल्स हॉस्टल में लागू होंगे
नई एसओपी के तहत गर्ल्स हॉस्टल और लॉज संचालकों के लिए कई सुरक्षा प्रावधान अनिवार्य कर दिए गए हैं—
- हर हॉस्टल का संबंधित थाने में पंजीकरण जरूरी
- 24 घंटे कम से कम एक महिला वार्डन की मौजूदगी अनिवार्य
- वार्डन, गार्ड, रसोइया, सफाईकर्मी सहित सभी स्टाफ का पुलिस वेरिफिकेशन जरूरी
- छात्राओं के कमरे वाले हिस्से में किसी भी पुरुष का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित
- मिलने वालों के लिए अलग विजिटर रूम बनाना होगा
- विजिटर रजिस्टर में नाम, मोबाइल नंबर और पहचान विवरण दर्ज करना अनिवार्य
- मुख्य गेट, गलियारे, डायनिंग एरिया और परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे
- सीसीटीवी फुटेज का कम से कम 30 दिन का बैकअप रखना होगा
महिला हेल्प डेस्क रखेगी पूरा रिकॉर्ड
निर्देश में कहा गया है कि हर थाना क्षेत्र में संचालित गर्ल्स हॉस्टल का पूरा डाटा रखा जाएगा। इसकी जिम्मेदारी थाने की महिला हेल्प डेस्क को दी गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत जानकारी और कार्रवाई संभव हो सके।
सरकार का सख्त संदेश: सुरक्षा से समझौता नहीं
उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री ने कहा है कि छात्राओं और कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित आवासीय माहौल देना सरकार की प्राथमिकता है। जारी निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जाएगा और उल्लंघन करने वाले संचालकों पर कानूनी कार्रवाई होगी।
पुलिस मुख्यालय का मानना है कि इन नए नियमों से न सिर्फ हॉस्टलों की जवाबदेही तय होगी, बल्कि छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी।


