पटना: राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के लिए मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। सीतामढ़ी के बाजपट्टी से पार्टी विधायक रामेश्वर महतो ने सोशल मीडिया पर एक तीखी पोस्ट कर पार्टी नेतृत्व पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विधायक का तीखा पोस्ट—“नेतृत्व की नियत धुंधली हो जाए तो जनता भ्रमित नहीं रहती”
रामेश्वर महतो ने X पर लिखा—
“राजनीति में सफलता केवल भाषणों से नहीं बल्कि सच्ची नियत और दृढ़ नीति से मिलती है।
जब नेतृत्व की नियत धुंधली हो जाए और नीतियां जनहित से अधिक स्वार्थ की दिशा में मुड़ने लगे, तब जनता को ज्यादा दिनों तक भ्रमित नहीं रखा जा सकता।”
इस पोस्ट ने पार्टी के अंदर बढ़ती नाराज़गी को साफ उजागर कर दिया है।
बेटे को मंत्री बनाने पर बढ़ा विवाद
पार्टी में नाराज़गी की सबसे बड़ी वजह है—
उपेंद्र कुशवाहा द्वारा अपने बेटे दीपक प्रकाश को मंत्री बनाना, जबकि वे किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं।
- कई नेता पार्टी छोड़ चुके
- कुशवाहा ने पार्टी की सभी इकाइयाँ भंग कर दीं
- विपक्ष भी लगातार निशाना साध रहा है
- अब पार्टी विधायकों की नाराज़गी भी खुलकर सामने आने लगी है
दीपक प्रकाश का जवाब—“परिवार का मामला परिवार में ही रहे”
विधायक के पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा—
“मैंने ट्वीट नहीं देखा है, पर जो लोग परिवार के मामले को राजनीतिक रंग दे रहे हैं, बेहतर होगा उसे परिवार के अंदर ही सुलझाया जाए।”
विशेषज्ञों की राय—“निशाना सीधे शीर्ष नेतृत्व पर”
वरिष्ठ पत्रकार सुनील पांडेय के अनुसार, भले ही पोस्ट में नाम नहीं है, लेकिन निशाना साफ तौर पर शीर्ष नेतृत्व यानी उपेंद्र कुशवाहा पर है।
उधर रामेश्वर महतो इस समय दिल्ली में हैं और मीडिया के फोन कॉल्स का जवाब नहीं दे रहे।
कौन हैं रामेश्वर महतो?
- पहले जदयू के एमएलसी रह चुके हैं
- मंत्री अशोक चौधरी से विवाद चर्चा में रहा
- जदयू छोड़कर RLM से जुड़े
- 2025 के चुनाव में बाजपट्टी से राजद उम्मीदवार मुकेश यादव को 40,000+ वोटों से हराया
RLM को मिलीं 6 सीटें, जीते 4… लेकिन किसी विधायक को नहीं मिला मंत्री पद
2025 विधानसभा चुनाव में RLM को एनडीए के तहत 6 सीटें मिली थीं, जिनमें:
- 4 सीटों पर जीत
- उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी सासाराम से जीतीं
- रामेश्वर महतो बाजपट्टी से जीते
लेकिन चारों विजेता विधायकों में से किसी को भी मंत्री नहीं बनाया गया, जिससे असंतोष और बढ़ता दिख रहा है।


