गया: बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) में बगावत तेज हो गई है। महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश महासचिव व जिला परिषद सदस्य पार्वती देवी ने साफ कह दिया है कि अगर इस बार उन्हें इमामगंज से टिकट नहीं मिला तो वह निर्दलीय चुनाव लड़ेंगी और सीधे तौर पर दीपा मांझी के खिलाफ मोर्चा खोलेंगी।
पार्वती देवी ने खोला मोर्चा
पार्वती देवी ने मीडिया से कहा कि वह लंबे समय से सक्रिय राजनीति में हैं और जीतनराम मांझी के पहले चुनाव से ही उनकी टीम का हिस्सा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि इमामगंज से टिकट की वह मजबूत दावेदार थीं, लेकिन उपचुनाव में पार्टी ने दीपा मांझी को टिकट दे दिया।
“अगर इस बार भी टिकट नहीं मिला तो मैं दीपा मांझी के खिलाफ मैदान में उतरकर निर्दलीय चुनाव लड़ूंगी।” – पार्वती देवी
स्थानीय उम्मीदवारों की अनदेखी का आरोप
हम पार्टी की प्रदेश महासचिव ने कहा कि स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं को पार्टी में उचित महत्व नहीं दिया जा रहा। यही वजह है कि उन्होंने बगावती तेवर अपनाने का निर्णय लिया है।
कौन हैं पार्वती देवी?
पार्वती देवी हम पार्टी की महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश महासचिव और जिला परिषद सदस्य हैं। उनका इमामगंज क्षेत्र में मजबूत जनाधार है और वह लंबे समय से जीतनराम मांझी के साथ राजनीति कर रही हैं।
इमामगंज सीट का समीकरण
गया जिले की इमामगंज (सुरक्षित) सीट पर जीतनराम मांझी कई बार विधायक रह चुके हैं। 2024 में लोकसभा चुनाव जीतने के बाद उन्होंने विधानसभा से इस्तीफा दिया। इसके बाद हुए उपचुनाव में उनकी बहू दीपा मांझी को टिकट दिया गया और वह विधायक बनीं।
बगावत का असर?
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि अगर स्थानीय नेताओं की अनदेखी जारी रही तो हम पार्टी को चुनाव में बड़ा नुकसान हो सकता है। पार्टी में बगावत गहराती दिख रही है और विपक्ष इस मौके पर नजर गड़ाए बैठा है।
लक्ष्मण मांझी का मामला
इसी बीच, हम पार्टी के प्रदेश महासचिव लक्ष्मण मांझी ने भी बगावती तेवर दिखाए थे। उन्होंने अपने समर्थकों के साथ जुलूस निकाला था, जिसमें जीतनराम मांझी, संतोष कुमार सुमन और दीपा मांझी के खिलाफ नारे लगे। इसके बाद पार्टी ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया।


