- पंचायती राज विभाग की बड़ी उपलब्धि, वित्तीय वर्ष 2024-25 में महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों को छोड़ा पीछे
- स्थानीय सतत विकास (LSDG) से लेकर ई-ग्राम स्वराज तक की दी गई हाई-टेक ट्रेनिंग
- पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश बोले- ‘हमारा लक्ष्य पारदर्शी, समावेशी और तकनीक आधारित प्रशासन प्रणाली बनाना है’
द वॉयस ऑफ बिहार (पटना)
बिहार ने राष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर अपनी प्रशासनिक क्षमता का लोहा मनवाया है। केंद्र सरकार के ‘पुनर्रचित राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान’ (RGSA) के तहत पंचायत प्रतिनिधियों और कर्मियों को प्रशिक्षण (Training) देने के मामले में बिहार पूरे देश में शीर्ष (नंबर-1) स्थान पर पहुंच गया है। पंचायती राज विभाग ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 4,35,896 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित कर महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक जैसे विकसित राज्यों को काफी पीछे छोड़ दिया है।
इन 9 अहम विषयों पर दी गई हाई-टेक ट्रेनिंग
राज्य की त्रि-स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ तथा आधुनिक बनाने के लिए यह विशेष प्रशिक्षण अभियान चलाया गया था।
- इस दौरान प्रतिभागियों को स्थानीयकृत सतत विकास लक्ष्य (LSDG) के 9 प्रमुख विषयों पर बारीकी से प्रशिक्षित किया गया।
- इसके अलावा, प्रतिनिधियों को ई-ग्राम स्वराज, ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) निर्माण, प्रखंड पंचायत विकास योजना (BPDP), जिला पंचायत विकास योजना (ZPDP) और पंचायत ई-ग्राम कचहरी जैसे बेहद प्रासंगिक और तकनीकी विषयों की जानकारी दी गई।
- इस ट्रेनिंग का मुख्य उद्देश्य पंचायतों के कामकाज को पूरी तरह से डिजिटल और पारदर्शी बनाना है।
देश के टॉप-5 राज्य: देखें कैसे बिहार ने मारी बाजी
वित्तीय वर्ष 2024-25 में पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशिक्षित करने के मामले में देश के शीर्ष पांच राज्यों के आंकड़े इस प्रकार हैं:
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रैंक |
राज्य का नाम |
प्रशिक्षित प्रतिभागियों की संख्या |
|---|---|---|
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1. |
बिहार |
4,35,896 |
|
2. |
महाराष्ट्र |
3,63,111 |
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3. |
आंध्र प्रदेश |
3,25,643 |
|
4. |
कर्नाटक |
3,21,380 |
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5. |
ओडिशा |
2,79,505 |
बदलते परिवेश की नई प्रणालियों से अवगत कराना है लक्ष्य
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर राज्य के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने खुशी जाहिर करते हुए विभाग के प्रयासों की जमकर सराहना की।
मंत्री दीपक प्रकाश का बयान:
“राज्य में त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्थाओं और ग्राम कचहरियों के प्रतिनिधियों व कर्मियों के क्षमता संवर्धन के लिए हमारा विभाग पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बदलते परिवेश में प्रशासन की नई प्रणालियों और तकनीकों से अवगत कराने के लिए हम लगातार प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। हमारा स्पष्ट लक्ष्य एक जन केंद्रित, पारदर्शी, समावेशी और उत्तरदायी पंचायती राज संस्थाओं का निर्माण करना है और विभाग इस दिशा में बहुत तेजी से काम कर रहा है।”
इस प्रशिक्षण अभियान के तहत प्रतिभागियों को राज्य के अंदर और देश के अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में ले जाकर भी पंचायती राज की ‘बेस्ट प्रैक्टिसेज’ (Best Practices) सिखाई जा रही हैं।


