
बिहार सरकार के खान एवं भूतत्व मंत्री Pramod Kumar ने दावा किया है कि राज्य में कई महत्वपूर्ण और दुर्लभ खनिज तत्वों के भंडार मिले हैं। उन्होंने कहा कि इन खनिजों के व्यावसायिक खनन की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।
14 दुर्लभ खनिज ब्लॉकों की पहचान
मंत्री के अनुसार केंद्र सरकार ने बिहार में 14 महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉकों की पहचान की है, जिनकी नीलामी जल्द शुरू हो सकती है। इनमें पैलेडियम, टाइटेनियम, ग्लॉकोनाइट, कोबाल्ट और अन्य दुर्लभ खनिज शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि:
- Banka जिले में कोबाल्ट के संकेत मिले हैं।
- Bhagalpur के बटेश्वरस्थान क्षेत्र में Rare Earth Elements (REE) पाए जाने की संभावना है।
- यहां क्रोमाइट भंडार के संकेत भी मिले हैं।
क्या होते हैं Rare Earth Elements?
REE यानी Rare Earth Elements 17 धात्विक तत्वों का समूह है। इनका उपयोग:
- मिसाइल, रडार और लड़ाकू विमानों,
- ड्रोन और सैन्य संचार उपकरणों,
- इलेक्ट्रिक वाहन,
- स्मार्टफोन, लैपटॉप और टीवी,
- कैमरा लेंस और हार्ड डिस्क
जैसी आधुनिक तकनीकों में किया जाता है।
इन तत्वों में लैंथेनम, नियोडाइमियम, यूरोपियम, टर्बियम, स्कैंडियम और यिट्रियम जैसे तत्व शामिल हैं।
नवादा और रोहतास में भी खनिज संभावना
मंत्री ने बताया कि:
- Nawada जिले में वैनाडियम युक्त मैग्नेटाइट और इल्मेनाइट,
- Rohtas जिले में ग्लॉकोनाइट के तीन ब्लॉकों
की नीलामी प्रक्रिया 20 मई के बाद शुरू हो सकती है। इसके लिए MSTC Limited ने बोलियां आमंत्रित की हैं।
जमुई में सोने के भंडार की चर्चा फिर तेज
Jamui जिले के सोनो और करमटिया क्षेत्र में सोने के बड़े भंडार होने की संभावना पर भी मंत्री ने बात की। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण जारी है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
साल 2021 में Geological Survey of India (GSI) ने दावा किया था कि देश के लगभग 44% स्वर्ण भंडार जमुई क्षेत्र में हो सकते हैं। उस समय यह भी कहा गया था कि यहां करीब 22 करोड़ टन सोना मौजूद हो सकता है।
1981 से चल रही चर्चा
स्थानीय लोगों के अनुसार, 1981 में चरवाहों को करमटिया पहाड़ क्षेत्र में सुनहरे रंग के पत्थर मिले थे। बाद में जांच में वहां सोने की संभावना जताई गई। इसके बाद 1982 में केंद्र सरकार ने इलाके को संरक्षित क्षेत्र घोषित कर दिया था।
रोजगार और उद्योग को मिल सकती है रफ्तार
अगर इन खनिजों का व्यावसायिक खनन शुरू होता है तो इससे:
- स्थानीय रोजगार बढ़ सकता है,
- खनन आधारित उद्योग विकसित हो सकते हैं,
- और बिहार की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिल सकती है।


