
HIGHLIGHTS: सिल्क सिटी में ‘अयोध्या’ जैसा उल्लास; कलश यात्रा से होगा आगाज, 24 घंटे गूँजेगा महामंत्र
- भव्य आयोजन: लाजपत पार्क के समीप नवनिर्मित श्री राम मंदिर में 25 मार्च से 28 मार्च 2026 तक चार दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव।
- शंखनाद: 25 मार्च (सुबह 9 बजे) मसानी काली बूढ़ानाथ मंदिर से निकलेगी भव्य कलश यात्रा; नगर भ्रमण के बाद मंदिर स्थल पर होगा समापन।
- मुख्य अनुष्ठान: 26 मार्च को विधि-विधान के साथ श्री रामलला के विग्रह की होगी प्राण प्रतिष्ठा।
- राम नवमी उत्सव: 27 मार्च को ध्वजारोहण, महाप्रसाद और शाम 6 बजे से शुरू होगा 24 घंटे का अखंड अष्टजाम कीर्तन।
- VOB इनसाइट: भागलपुर के हृदय स्थल पर स्थापित यह मंदिर आने वाली पीढ़ियों के लिए मर्यादा पुरुषोत्तम के आदर्शों का केंद्र बनेगा।
भागलपुर | 23 मार्च, 2026
अयोध्या में रामलला के विराजमान होने के बाद अब बिहार की ‘अंग नगरी’ भागलपुर भी राममय होने के लिए तैयार है। लाजपत पार्क के समीप स्थित श्री राम मंदिर में आगामी 25 मार्च से एक ऐतिहासिक प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है। आयोजन समिति की सदस्य श्वेता सुमन, संजय कुमार तिवारी और अभिजीत दत्ता के नेतृत्व में इस उत्सव को भव्य बनाने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की रिपोर्ट के अनुसार, यह मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि शहर के गणमान्य लोगों और आम श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का प्रतीक बनकर उभरा है।
कलश यात्रा से कीर्तन तक: भक्ति के रंग में रंगेगा भागलपुर
उत्सव की शुरुआत बुधवार (25 मार्च) को भव्य कलश यात्रा के साथ होगी। श्रद्धालु बूढ़ानाथ मंदिर प्रांगण में एकत्रित होंगे, जहाँ से कलश में पवित्र जल भरकर नगर परिक्रमा की जाएगी। 26 मार्च का दिन सबसे महत्वपूर्ण होगा, जब अयोध्या की तर्ज पर भगवान श्री राम के विग्रह को मंदिर के गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा। 27 मार्च को राम नवमी के पावन अवसर पर दोपहर 12 बजे ध्वजारोहण होगा, जिसके बाद शाम से पूरा इलाका ‘हरे राम, हरे कृष्ण’ के महामंत्र से गुंजायमान हो उठेगा।
VOB डेटा चार्ट: श्री राम मंदिर महोत्सव—4 दिवसीय कार्यक्रम
- 25 मार्च (बुधवार): भव्य कलश यात्रा (सुबह 9 बजे), मसानी काली बूढ़ानाथ मंदिर से प्रस्थान।
- 26 मार्च (गुरुवार): श्री रामलला विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा (मुख्य अनुष्ठान)।
- 27 मार्च (शुक्रवार): राम नवमी पूजा, ध्वजारोहण (दोपहर 12 बजे), महाप्रसाद (शाम 4 बजे) और अष्टजाम कीर्तन का प्रारंभ (शाम 6 बजे)।
- 28 मार्च (शनिवार): 24 घंटे के अखंड अष्टजाम कीर्तन का विधिवत समापन।
- आयोजक मंडल: श्वेता सुमन, संजय कुमार तिवारी, अभिजीत दत्ता एवं समस्त राम भक्त।
- विशेष: मंदिर परिसर राम भक्तों के लिए स्थायी दर्शन स्थल के रूप में उपलब्ध रहेगा।
VOB का नजरिया: क्या ‘सिल्क सिटी’ बन रही है नई ‘सांस्कृतिक राजधानी’?
’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) का मानना है कि भागलपुर में ऐसे भव्य मंदिरों की स्थापना शहर की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करती है।
- सामाजिक समरसता: इस मंदिर के निर्माण में शहर के हर वर्ग और गणमान्य लोगों का सहयोग यह दर्शाता है कि मर्यादा पुरुषोत्तम राम आज भी समाज को जोड़ने की सबसे बड़ी कड़ी हैं।
- पर्यटन और श्रद्धा: लाजपत पार्क और बूढ़ानाथ मंदिर के पास इस नए केंद्र के बनने से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
- आध्यात्मिक चेतना: 24 घंटे का अष्टजाम कीर्तन और राम नवमी का भव्य आयोजन युवाओं को अपनी जड़ों और संस्कारों से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम साबित होगा।
निष्कर्ष: सुशासन और सनातन का गौरव
भागलपुर में 25 मार्च से शुरू होने वाला यह महोत्सव भक्ति और शक्ति का अद्भुत संगम होगा। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनें। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ इस चार दिवसीय अनुष्ठान की हर तस्वीर और अपडेट आप तक निरंतर पहुँचाता रहेगा।


