राज्यसभा की ‘रणभेरी’: बिहार की 5 सीटों पर 16 मार्च को वोटिंग; दिल्ली जाएंगे बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन!

द वॉयस ऑफ बिहार | पटना (18 फरवरी 2026)

​भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) ने देश के 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए बिगुल फूंक दिया है। इनमें बिहार की 5 सीटें भी शामिल हैं, जिन पर 16 मार्च 2026 को मतदान होगा। बिहार की राजनीति के लिहाज से यह चुनाव बेहद दिलचस्प होने वाला है, क्योंकि हालिया विधानसभा चुनावों के बाद बदला हुआ ‘नंबर गेम’ कई दिग्गजों की राह मुश्किल करने वाला है।

किनका कार्यकाल हो रहा खत्म?

​अप्रैल 2026 में बिहार से राज्यसभा के 5 सदस्यों का कार्यकाल पूरा हो रहा है:

  1. जदयू: रामनाथ ठाकुर और हरिवंश नारायण सिंह (राज्यसभा उपसभापति)।
  2. राजद: अमरेन्द्र धारी सिंह और प्रेम चंद गुप्ता।
  3. रालोमो (NDA): उपेंद्र कुशवाहा।

नितिन नबीन: विधानसभा से उच्च सदन का सफर

​इस चुनाव में सबसे चर्चित नाम भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का है। 20 जनवरी 2026 को भाजपा की कमान संभालने के बाद अब उनका राज्यसभा जाना लगभग तय माना जा रहा है।

  • रणनीति: वर्तमान में वे पटना के बांकीपुर से विधायक हैं। भाजपा के 89 विधायकों के भारी-भरकम समर्थन के साथ नितिन नबीन की जीत महज एक औपचारिकता है। उनके राज्यसभा जाने के बाद बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव की स्थिति बनेगी।

JDU का रुख: रामनाथ और हरिवंश पर सस्पेंस

​जदयू के पास 85 विधायक हैं, जिससे पार्टी के दो सदस्यों का फिर से उच्च सदन जाना तय है।

  • चर्चा: केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर (75 वर्ष) और हरिवंश (69 वर्ष) को क्या नीतीश कुमार फिर से मौका देंगे या पार्टी किसी नए चेहरे को तरजीह देगी? इसे लेकर पार्टी के भीतर मंथन जारी है।

राज्यसभा का गणित: राजद के लिए ‘कांटे की राह’

​बिहार विधानसभा के मौजूदा संख्याबल के आधार पर एक सीट जीतने के लिए 41 विधायकों का समर्थन जरूरी है।

  • NDA का दबदबा: भाजपा (89), जदयू (85), लोजपा-आर (19), हम (5) और रालोमो (4) को मिलाकर NDA के पास 202 विधायक हैं। इस आधार पर NDA आसानी से 4 सीटें जीत रहा है।
  • महागठबंधन की चुनौती: राजद (25), कांग्रेस (6), वामदल (3) और आईआईपी (1) को मिलाकर विपक्ष के पास केवल 35 विधायक हैं।
  • किंगमेकर: राजद को एक सीट बचाने के लिए ओवैसी की पार्टी AIMIM (5 विधायक) और बसपा (1 विधायक) के समर्थन की सख्त जरूरत होगी। यदि AIMIM ने दूरी बनाई, तो राजद का सूपड़ा साफ हो सकता है।

NDA का ‘मिशन-5’: क्या होगा क्लीन स्वीप?

​राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि NDA इस बार पांचों सीटों पर कब्जा करने की रणनीति बना रहा है।

  1. क्रॉस वोटिंग: विपक्ष के पास बहुमत से कम आंकड़ा होने का फायदा उठाकर NDA पांचवीं सीट पर अपना उम्मीदवार उतार सकता है।
  2. रणनीति: अगर महागठबंधन के कुछ विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की या वोटिंग से अनुपस्थित रहे, तो NDA बिहार से राज्यसभा की पांचों सीटों पर जीत दर्ज कर राजद को बड़ा झटका दे सकता है।

चुनाव का शेड्यूल:

  • अधिसूचना जारी: 26 फरवरी 2026
  • नामांकन की आखिरी तारीख: 05 मार्च 2026
  • मतदान और मतगणना: 16 मार्च 2026

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