भागलपुर के कहलगांव विधानसभा क्षेत्र में महागठबंधन के भीतर आंतरिक कलह खुलेआम सामने आ गई है। पारंपरिक रूप से कांग्रेस का गढ़ रही यह सीट इस बार राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस के सीधे मुकाबले में बदल गई है।
राजद ने रजनीश यादव को उम्मीदवार बनाया है, जिन्होंने अपना नामांकन दाखिल कर दिया है, जबकि कांग्रेस के प्रवीण कुशवाहा 20 अक्टूबर को नामांकन करेंगे। दोनों प्रमुख गठबंधन दलों के उम्मीदवारों के आमने-सामने आने से मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है।
पप्पू यादव के आरोपों पर रजनीश यादव का पलटवार
पटना में कांग्रेस के कार्यक्रम के दौरान सांसद पप्पू यादव ने रजनीश यादव के पिता संजय यादव पर बालू माफिया होने का आरोप लगाया। रजनीश यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि बिना आधार किसी भी आरोप को वह बर्दाश्त नहीं करेंगे और पप्पू यादव को अपने गिरेबान में झांकने की नसीहत दी।
गठबंधन धर्म और बाहरी उम्मीदवार का मुद्दा
रजनीश यादव ने कांग्रेस द्वारा बाहरी उम्मीदवार उतारे जाने पर असहमति जताई। उन्होंने 2014 और 2024 के लोकसभा चुनावों का उदाहरण देते हुए कहा कि गठबंधन के मूल सिद्धांतों का सम्मान होना चाहिए था।
अंदरूनी विरोधियों पर कटाक्ष
उन्होंने पार्टी के कुछ अंदरूनी विरोधियों को ‘ठेकेदार’ करार देते हुए सोशल मीडिया पर विरोध करने वालों पर भी निशाना साधा।
विकास और बेरोजगारी को बनाया चुनावी मुद्दा
रजनीश यादव ने कहा कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति से नहीं, बल्कि बेरोजगारी और कहलगांव के पिछड़ेपन से है। उन्होंने एनटीपीसी के सीएसआर फंड के सही उपयोग और दिवंगत सदानंद सिंह के लंबे कार्यकाल के बावजूद विकास में कमी को मुद्दा बनाया।
रजनीश यादव का कहना है कि जनता तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाने के लिए उनके पक्ष में मतदान करेगी और वह इस सीट को जीतकर गठबंधन को मजबूत करेंगे।


