नवगछिया पुलिस के नए ‘कप्तान’ बने राजेश कुमार! गार्ड ऑफ ऑनर के साथ संभाली कमान; बोले— “क्राइम पैटर्न को डिकोड कर ठोकेंगे लगाम”

HIGHLIGHTS: नवगछिया पुलिस जिला में ‘राजेश युग’ की शुरुआत; एक्शन मोड में नए एसपी

  • पदभार ग्रहण: गुरुवार (19 मार्च) की देर शाम नवनियुक्त एसपी राजेश कुमार ने नवगछिया कार्यालय में औपचारिक रूप से योगदान दिया।
  • शाही स्वागत: एसपी कार्यालय पहुंचने पर उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ देकर सलामी दी गई।
  • पूरी टीम तैनात: स्वागत के दौरान नवगछिया एसडीपीओ, हेड क्वार्टर डीएसपी, साइबर और ट्रैफिक डीएसपी सहित सभी सर्किल इंस्पेक्टर मौजूद रहे।
  • मिशन विजन: पद संभालते ही एसपी ने साफ किया कि उनकी पहली प्राथमिकता स्थानीय अपराध का अध्ययन कर उसे पूरी तरह नियंत्रित करना है।

नवगछिया | 20 मार्च, 2026

​नवगछिया पुलिस जिला को नया ‘सारथी’ मिल गया है। भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी राजेश कुमार ने गुरुवार की शाम नवगछिया के नए पुलिस अधीक्षक (SP) के रूप में अपनी पारी शुरू कर दी। एनएच-31 और गंगा के दियारा क्षेत्रों की संवेदनशीलता को देखते हुए नए एसपी का पदभार ग्रहण करना जिले की सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

स्वागत और ‘इंट्रोडक्शन’ मीटिंग: अनुभवी टीम के साथ नई शुरुआत

​एसपी कार्यालय में आयोजित सादे लेकिन गरिमापूर्ण समारोह में जिले के तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे:

  • अधिकारियों की फौज: नवगछिया एसडीपीओ ओमप्रकाश, हेड क्वार्टर डीएसपी मनोज कुमार सुमन, साइबर डीएसपी और ट्रैफिक डीएसपी ने नए कप्तान का स्वागत किया।
  • दियारा से एनएच तक की रणनीति: एसपी राजेश कुमार ने योगदान के तुरंत बाद अधिकारियों से जिले की भौगोलिक और आपराधिक स्थिति पर संक्षिप्त चर्चा की।

एसपी का पहला संदेश: “पहले समझेंगे, फिर सुधारेंगे”

​पदभार संभालने के बाद राजेश कुमार ने मीडिया से बात करते हुए अपने इरादे साफ कर दिए:

  • क्राइम स्टडी: उन्होंने कहा कि नवगछिया में जिस तरह के अपराध (जैसे दियारा विवाद या लूट) की प्रकृति है, उसका गहराई से अध्ययन किया जाएगा।
  • कंट्रोल रूम: अपराध नियंत्रण को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने कहा कि जनता को सुरक्षित माहौल देना ही पुलिस का मुख्य उद्देश्य होगा।

VOB का नजरिया: क्या नवगछिया के ‘दियारा’ और ‘हाईवे’ पर लौटेगा अमन?

​नवगछिया कोई साधारण जिला नहीं, बल्कि एक विशेष ‘पुलिस जिला’ है, जिसकी अपनी चुनौतियां हैं। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ का मानना है कि राजेश कुमार के लिए सबसे बड़ी परीक्षा एनएच-31 पर होने वाली लूटपाट और दियारा क्षेत्रों में फसल के लिए होने वाली खूनी रंजिशों को रोकना होगा।

​नवगछिया में साइबर और ट्रैफिक डीएसपी की मौजूदगी यह बताती है कि पुलिसिंग अब आधुनिक हो रही है। नए एसपी का “क्राइम स्टडी” करने वाला रुख पेशेवर लगता है। लेकिन जनता की उम्मीदें ‘स्टडी’ से ज्यादा ‘रिजल्ट’ पर टिकी हैं। क्या नए कप्तान अपराधियों के बीच वो खौफ पैदा कर पाएंगे जिससे नवगछिया की ‘क्राइम कैपिटल’ वाली पुरानी छवि पूरी तरह बदल जाए? नजरें उनकी पहली ‘क्राइम मीटिंग’ और फील्ड ऑपरेशन पर रहेंगी।

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