केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए हर क्षेत्र के लिए अगले पांच वर्षों का रोडमैप सामने रखा। हेल्थ, एजुकेशन, डिफेंस, बिजनेस और MSME के साथ-साथ रेलवे सेक्टर के लिए भी बड़े ऐलान किए गए। इस बार रेलवे को कुल 2,93,030 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। सरकार ने चार राज्यों को नई रेल कनेक्टिविटी का तोहफा देते हुए 7 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा की है।
आम लोगों की कई उम्मीदें रह गईं अधूरी
हालांकि रेल बजट से आम यात्रियों को कुछ निराशा भी हाथ लगी। जिन घोषणाओं की लंबे समय से मांग थी, उनका बजट में जिक्र तक नहीं हुआ। लोगों को उम्मीद थी कि—
- बुजुर्गों के लिए सस्ती या रियायती टिकट योजना बहाल होगी
- ‘कवच’ सुरक्षा प्रणाली का तेज विस्तार होगा
- 100 प्रतिशत रेल लाइनों का विद्युतीकरण पूरा करने की समयसीमा तय होगी
- वंदे भारत स्लीपर ट्रेन और अमृत भारत ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी
- स्टेशनों की सुविधाओं और नए एसी कोच को लेकर ठोस घोषणा होगी
- बुलेट ट्रेन परियोजना पर नई जानकारी मिलेगी
लेकिन वित्त मंत्री ने इन मुद्दों पर कोई बड़ा ऐलान नहीं किया।
7 नए हाई स्पीड रेल कॉरिडोर का बड़ा फैसला
रेलवे के लिए सबसे अहम घोषणा 7 नए हाई स्पीड रेल कॉरिडोर को लेकर रही। ये कॉरिडोर निम्नलिखित मार्गों पर बनाए जाएंगे—
- पुणे – मुंबई
- पुणे – हैदराबाद
- हैदराबाद – बेंगलुरु
- हैदराबाद – चेन्नई
- चेन्नई – बेंगलुरु
- दिल्ली – वाराणसी
- वाराणसी – सिलीगुड़ी
इन कॉरिडोर से पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और दिल्ली समेत चार बड़े राज्यों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी। इससे यात्रा का समय और खर्च दोनों घटेंगे, साथ ही पर्यटन—खासकर धर्मनगरी काशी—को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
पिछले बजट से कितना अलग है यह बजट?
- 2025-26: रेलवे को 2,55,445 करोड़ रुपये आवंटित
- 2024-25: 2,55,393 करोड़ रुपये, तीन बड़े कॉरिडोर प्रोग्राम की घोषणा
- सुरक्षा के लिए ‘कवच’ सिस्टम के विस्तार पर खास जोर
- अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 1337 स्टेशन मॉडर्नाइजेशन के लिए चुने गए, जिनमें से 1197 पर काम जारी
- वंदे भारत और बुलेट ट्रेन (NHSRCL) के लिए 21,000 करोड़ का निवेश
क्या होगा असर?
सरकार का दावा है कि यह बजट रेलवे को आधुनिक, सुरक्षित और तेज परिवहन का माध्यम बनाएगा। हाई स्पीड कॉरिडोर से न सिर्फ बड़े शहर जुड़ेंगे, बल्कि ग्रामीण इलाकों तक भी विकास पहुंचेगा। हालांकि यात्रियों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चुप्पी ने सवाल भी खड़े कर दिए हैं।


