धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़े राहुल गांधी, केंद्रीय मंत्री बोले– मांगें बदलते रहे विपक्ष के नेता

NEET पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई वरिष्ठ नेता धरने पर बैठ गए। सुरक्षा कारणों से दिल्ली पुलिस ने कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया तथा प्रधानमंत्री आवास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी।

धरने के दौरान केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन राहुल गांधी से बातचीत करने पहुंचे। हालांकि बातचीत के बाद भी कोई सहमति नहीं बन सकी और विरोध प्रदर्शन जारी रहा।

जितेंद्र सिंह का दावा- सरकार ने चर्चा की मांग मान ली थी

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर कहा कि सरकार ने उन्हें कांग्रेस नेतृत्व से बातचीत के लिए भेजा था। उनके अनुसार, राहुल गांधी ने शुरुआत में कहा था कि यदि सरकार संसद में NEET पेपर लीक और उससे जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार हो जाए तो वह धरना समाप्त कर देंगे।

जितेंद्र सिंह ने दावा किया कि सरकार के शीर्ष नेतृत्व से अनुमति मिलने के बाद राहुल गांधी को संसद में चर्चा कराने का आश्वासन दे दिया गया। लेकिन इसके बाद राहुल गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी जोड़ दी और कहा कि अब दोनों मांगें पूरी होने पर ही धरना समाप्त होगा।

मंत्री के अनुसार, जब उन्हें याद दिलाया गया कि पहले केवल संसद में चर्चा की मांग की गई थी, तो राहुल गांधी ने कहा कि अब उनकी मांगें बदल चुकी हैं। साथ ही धरनास्थल को लेकर आपत्ति जताने पर उन्होंने कथित तौर पर कहा कि वह अपनी इच्छा से जहां चाहें वहां बैठ सकते हैं।

राहुल गांधी ने देशवासियों से की थी शामिल होने की अपील

धरने से पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लोगों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि छात्रों पर हुआ हमला देश के हर परिवार पर हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जवाबदेही से बच रही है और छात्रों की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने कहा कि भारत के छात्रों की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।

कांग्रेस की प्रमुख मांगें

कांग्रेस ने सरकार के सामने प्रमुख रूप से ये मांगें रखीं—

  • NEET पेपर लीक मामले पर संसद में विस्तृत चर्चा,
  • केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा,
  • छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच,
  • और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई।

बढ़ा सियासी टकराव

प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुए इस प्रदर्शन ने केंद्र और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव को और तेज कर दिया है। जहां सरकार का कहना है कि संसद में चर्चा के लिए वह तैयार है, वहीं कांग्रेस शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर कायम है। अब इस पूरे विवाद पर राजनीतिक और संसदीय हल निकलता है या नहीं, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

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