द वॉयस ऑफ बिहार | पटना (20 फरवरी 2026)
बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने मैट्रिक परीक्षा के दौरान हुई एक हृदयविदारक घटना पर राज्य सरकार और परीक्षा प्रशासन को आड़े हाथों लिया है। गुरुवार को विधान परिषद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने एक छात्रा द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले पर गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त किया।
“5 मिनट की देरी कोई अपराध नहीं”
राबड़ी देवी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मात्र पांच मिनट की देरी के कारण किसी परीक्षार्थी को उसके भविष्य की परीक्षा से वंचित कर देना एक ‘अपराध’ के समान है।
- हताशा में उठाया कदम: उन्होंने कहा कि स्कूल में प्रवेश न मिलने के कारण छात्रा इतनी हताश हो गई कि उसने आत्महत्या जैसा खौफनाक कदम उठा लिया।
- कार्रवाई की मांग: पूर्व मुख्यमंत्री ने मांग की है कि जिन लोगों ने छात्रा को स्कूल में प्रवेश करने से रोका, उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
- संवेदनशीलता की कमी: उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर छात्रा को आने में 5 मिनट की देरी हुई थी, तो भी उसे परीक्षा देने की अनुमति दी जानी चाहिए थी।
शराबबंदी और विपक्ष की आवाज पर उठाए सवाल
परीक्षा के मुद्दे के साथ-साथ राबड़ी देवी ने राज्य की कानून-व्यवस्था और राजनीतिक माहौल पर भी सरकार को घेरा:
- शराब की आपूर्ति: उन्होंने बिहार में शराब की उपलब्धता पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब राज्य के बॉर्डर पर सरकार के अधिकारी तैनात हैं, तो इतनी भारी मात्रा में शराब बिहार कैसे पहुंच रही है?
- लोकतांत्रिक स्पेस: उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार विपक्ष को अपनी बात रखने का मौका नहीं दे रही है और उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है।
राबड़ी देवी के इस बयान ने एक बार फिर बिहार में परीक्षा नियमों की कठोरता और शराबबंदी के दावों पर नई बहस छेड़ दी है।
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