दरभंगा में शिक्षा व्यवस्था पर सवाल: स्कूल का चावल और बेंच बेचने का आरोप, हेडमास्टर का वीडियो वायरल

दरभंगा, 13 मार्च। बिहार के दरभंगा जिले से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। यहां एक सरकारी स्कूल के हेडमास्टर पर मध्यान्ह भोजन योजना के तहत बच्चों के लिए आए चावल और स्कूल के फर्नीचर को बेचने का गंभीर आरोप लगा है। ग्रामीणों द्वारा बनाए गए वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

यह मामला सदर प्रखंड के दुलारपुर पंचायत स्थित रूचौल गांव के राजकीय मध्य विद्यालय से जुड़ा है, जहां के हेडमास्टर विदेश्वर साह पर स्कूल की संपत्ति की हेराफेरी करने का आरोप लगा है।

ग्रामीणों ने बनाया वीडियो, खुली पोल

स्थानीय लोगों के अनुसार, हेडमास्टर मध्यान्ह भोजन योजना के लिए आए चावल को बोरे में भरकर स्कूल परिसर से बाहर ले जा रहे थे। इसी दौरान ग्रामीणों की नजर उन पर पड़ गई। लोगों को संदेह हुआ तो उन्होंने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू कर दिया।

वीडियो सामने आने के बाद यह तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद पूरे इलाके में इस घटना को लेकर नाराजगी फैल गई। ग्रामीणों का आरोप है कि बच्चों के भोजन के लिए आने वाला चावल बाजार में बेचने की कोशिश की जा रही थी।

जांच में सामने आई कई अनियमितताएं

वीडियो वायरल होने के बाद प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी राजेश कुमार के निर्देश पर जांच टीम को स्कूल भेजा गया। जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।

जांच अधिकारी दीपमाला की प्रारंभिक पड़ताल में यह भी सामने आया कि स्कूल से कुछ बेंच और डेस्क भी गायब हैं। आशंका जताई जा रही है कि इन्हें भी बेच दिया गया है। इसके अलावा सरकार की ओर से छात्रों को वितरित किए जाने वाले स्कूल बैग भी कई बच्चों तक नहीं पहुंचे थे।

ग्रामीणों और अभिभावकों में नाराजगी

घटना सामने आने के बाद ग्रामीणों और छात्रों के अभिभावकों में काफी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस शिक्षक पर बच्चों के भविष्य को संवारने की जिम्मेदारी है, यदि वही स्कूल की संपत्ति और बच्चों के भोजन में घोटाला करेगा तो शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठना स्वाभाविक है।

ग्रामीणों ने दोषी हेडमास्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाए जाने चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की हरकत करने की हिम्मत न करे।

शिक्षा विभाग ने शुरू की कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी विद्यानंद ठाकुर ने तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि वायरल वीडियो और जांच रिपोर्ट के आधार पर मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं।

प्रारंभिक जांच में आरोपों को गंभीर माना गया है और संबंधित हेडमास्टर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आवश्यकता पड़ने पर उन्हें निलंबित भी किया जा सकता है।

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों के अधिकारों और सरकारी संसाधनों के साथ किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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