टेक्निकल ट्रेनिंग से होगा गुणवत्तापूर्ण सड़क और पुल निर्माण: अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह

पटना, 23 जून 2025: राजधानी के ज्ञान भवन में आज ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा एक विशेष तकनीकी उन्मुखीकरण-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में कनीय अभियंता और तकनीकी पर्यवेक्षक शामिल हुए, जिन्हें राज्यभर में चल रही योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए तैनात किया गया है।


“सड़क और पुल निर्माण के लिए तकनीकी दक्षता अनिवार्य” — अपर मुख्य सचिव

कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए अपर मुख्य सचिव श्री दीपक कुमार सिंह ने कहा कि राज्य में वर्तमान में 25,000 किमी से अधिक ग्रामीण सड़कों और कई बड़े पुलों का निर्माण हो रहा है। ऐसे में यह आवश्यक है कि स्थल पर कार्यरत सभी इंजीनियरों और पर्यवेक्षकों को तकनीकी विशिष्टताओं (Technical Specifications) की गहराई से जानकारी हो।


मुख्य बिंदु:

  • कनीय अभियंताओं के लिए पुल निर्माण की तकनीकी बारीकियों पर प्रशिक्षण
  • संवेदकों और साइट इंजीनियरों को भी 25 जून को प्रशिक्षण सत्र में बुलाया जाएगा
  • 30 जून को सहायक अभियंता से मुख्य अभियंता तक के अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण
  • फाउंडेशन टेस्टिंग, SOP, साइट लैब और रिकॉर्ड मेंटेनेंस पर विशेष फोकस
  • “पुल निर्माण तकनीकी हैंडबुक” सभी प्रतिभागियों को प्रदान की जा रही है

बरसात और बाढ़ से पूर्व तैयारियाँ ज़रूरी: दीपक कुमार सिंह

श्री सिंह ने कहा कि बरसात और संभावित बाढ़ को देखते हुए, Standard Operating Procedure (SOP) की जानकारी देना बेहद ज़रूरी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तकनीकी प्रशिक्षण से अभियंता संवेदकों से गुणवत्ता के अनुरूप कार्य करवा पाएंगे।

“अगर साइट पर काम करने वाले इंजीनियर पूरी जानकारी से लैस होंगे, तभी वे गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित कर सकते हैं।”


गुणवत्ता के प्रति प्रतिबद्धता: सीनियर अधिकारियों की मौजूदगी

कार्यक्रम में अपर आयुक्त-सह-विशेष सचिव श्री भगवत राम ने पुल निर्माण की गुणवत्ता से जुड़े विभिन्न चरणों की जानकारी दी। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्निर्माण कार्यों की प्रक्रिया और सावधानियों पर भी विस्तार से चर्चा की।

कार्यशाला में ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव श्री श्रवणन एम., विशेष सचिव श्री उज्ज्वल कुमार सिंह, संयुक्त सचिव श्री संजय कुमार, संयुक्त सचिव श्री अभय झा, सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


समान तकनीकी भाषा, समान उद्देश्य

कार्यशाला के समापन पर यह स्पष्ट हुआ कि विभाग अब “One Technical Language, One Quality Standard” की दिशा में बढ़ रहा है, जहाँ सभी स्तरों के अभियंताओं के पास एक समान तकनीकी संदर्भ होगा।


 

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