आकांक्षा सिंह ने नीट-2020 में देश में दूसरा स्थान हासिल किया, न्यूरो सर्जन बनकर करना चाहती है गरीबों की सेवा

पूर्वांचल की बेटी आकांक्षा सिंह ने नीट-2020 में देश में दूसरा स्थान हासिल कर जिले और परिवार का मान बढ़ाया है। आकांक्षा का कहना है कि वह न्यूरो सर्जन बनकर पूर्वांचल के पिछड़े इलाकों में सेवा करना चाहती हैं।

पढ़ाई को समय के दायरे में कभी नहीं बांधने वाली आकांक्षा ने दो साल तक मोबाइल अपने पास नहीं रखा। सोशल मीडिया से आज भी दूर हैं। यही नहीं दिल्ली में रहकर पढ़ाई की और त्योहार में मां से भी मिलने नहीं आईं। उनकी इसी तपस्या ने एक ऐसा मुकाम हासिल कराया जिस पर परिवार और रिश्तेदार ही नहीं, पूरे देश को नाज है।

शुक्रवार को परीक्षा का परिणाम आने के बाद आकांक्षा अपने माता-पिता और नाना के साथ आकाश इंस्टीट्यूट आईं। उन्होंने कहा कि निर्धारित विषय को तब तक पढ़ना चाहिए जब तक उसका गहनतम ज्ञान न हो जाए। उन्होंने इसी रणनीति के साथ पढ़ाई की और सफलता के इस मुकाम को हासिल कर सकीं।

उन्होंने बताया कि कक्षा आठ तक की पढ़ाई के दौरान उनकी इच्छा आईएएस अफसर बनने की थी, लेकिन दोस्तों की सलाह और एम्स की एक बुकलेट ने उनके लक्ष्य को बदल दिया। जिसके बाद उन्होंने डॉक्टर बनने की ठान ली।

कक्षा नौ में पापा ने आकाश इंस्टीट्यूट में प्रवेश करा दिया। इंस्टीट्यूट की देखरेख में पहले गोरखपुर बाद में दिल्ली में पढ़ाई की। जिसके चलते सफलता मिली। लक्ष्य हासिल करने में कोचिंग संस्थानों की भूमिका के सवाल पर आकांक्षा ने कहा कि आज नीट की पूरी पढ़ाई एनसीईआरटी की किताबों पर आधारित है।

ऐसे में यदि पूरी गंभीरता के साथ सेल्फ स्टडी की जाए तो भी बेहतर परिणाम हासिल किया जा सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कोचिंग संस्थान से पढ़ाई को आसानी से दिशा मिल जाती है। वह एमबीबीएस की पढ़ाई करने के बाद न्यूरो सर्जरी में ही उच्च डिग्री हासिल करना चाहती हैं।

उन्होंने एयरफोर्स से रिटायर उनके पिता राजेंद्र कुमार राव और शिक्षक माता रुचि सिंह के त्याग की भी चर्चा की। मोबाइल साथ में था नहीं, इसलिए बात भी बहुत कम हो पाई। अब संतोष है कि घरवालों की उम्मीदों पर खरी उतर सकी हूं।

पर्सनल प्रोफाइल
पिता का नाम : राजेंद्र कुमार राव
पिता का व्यवसाय : सेवानिवृत्त एयरफोर्स कर्मी
माता का नाम : रुचि सिंह, शिक्षिका
कक्षा 10 : 97.6 प्रतिशत
कक्षा 12 : 96.4 प्रतिशत
स्कूल : प्रगति पब्लिक स्कूल, दिल्ली
कोचिंग : आकाश इंस्टीट्यूट
पढ़ाई का मंत्र : कठिन परिश्रम, सोशल मीडिया से दूरी

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.