जनहित के लिए संघर्ष कर रहे थे
- एमपी-एमएलए कोर्ट से राहत: विशेष न्यायिक दंडाधिकारी प्रवीण कुमार मालवीय ने तीन आपराधिक मामलों में दी रेगुलर बेल
- वकील की दलील: कहा- राजनीतिक विद्वेष से दर्ज हुए थे केस; जनता के लिए धरना-प्रदर्शन करना गुनाह नहीं
- जेल से बाहर आए ‘जन अधिकार’ के नेता: कुल 4 मामलों में बेल बॉन्ड भरने के बाद बेऊर जेल से रिहाई का आदेश जारी
द वॉयस ऑफ बिहार (पटना)
पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को शुक्रवार को बड़ी राहत मिली है। पटना सिविल कोर्ट स्थित एमपी-एमएलए (MP-MLA) की विशेष अदालत ने उन्हें जमानत दे दी है, जिसके बाद वे बेऊर जेल से रिहा हो गए हैं। विशेष न्यायिक दंडाधिकारी प्रवीण कुमार मालवीय ने शुक्रवार को सुनवाई करते हुए उन्हें तीनों लंबित आपराधिक मामलों में नियमित जमानत (Regular Bail) प्रदान की।
“राजनीतिक साजिश का शिकार हुए सांसद”
सुनवाई के दौरान सांसद के वकील विजय आनंद ने अदालत में जोरदार बहस की।
- दलील: उन्होंने कहा कि पप्पू यादव पर दर्ज तीनों मामले राजनीतिक विद्वेष (Political Vendetta) का परिणाम हैं।
- वजह: वकील ने तर्क दिया कि सांसद जनहित के मुद्दों को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे थे, जो एक लोकतांत्रिक अधिकार है। इसी दौरान पुलिस प्रशासन ने उन्हें जानबूझकर झूठे मुकदमों में फंसाया।
4 मामलों में मिली बेल
हालांकि अभियोजन पक्ष ने जमानत अर्जी का विरोध किया, लेकिन दोनों पक्षों को सुनने के बाद विशेष अदालत ने पप्पू यादव के पक्ष में फैसला सुनाया।
- रिहाई का आदेश: पप्पू यादव को पटना के कुल चार आपराधिक मामलों में जमानत मिली है। इन सभी मामलों में बेल बॉन्ड (Bail Bond) दाखिल करने के बाद कोर्ट ने बेऊर जेल अधीक्षक को उनकी तत्काल रिहाई का आदेश (Release Order) जारी कर दिया।
पूर्णिया सांसद की रिहाई उनके समर्थकों के लिए बड़ी खबर है।


