पूर्णिया, 08 जुलाई 2025: पूर्णिया जिले के रजीगंज पंचायत स्थित टेटगामा गांव में हुए आदिवासी परिवार के सामूहिक हत्याकांड को लेकर जन अधिकार पार्टी के नेता एवं पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने मंगलवार को पीड़ित परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने इसे मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना बताया और कहा कि यह केवल हत्या नहीं बल्कि एक पूर्व नियोजित नरसंहार और सामाजिक कुरीति का वीभत्स चेहरा है।
अंधविश्वास के नाम पर पांच लोगों की हत्या
मामले के अनुसार, गांव के एक ओझा ने परिवार को डायन बताकर गांव में अफवाह फैलाई, जिसके बाद करीब 200 बाहरी लोगों की भीड़ ने हमला कर परिवार के पांच सदस्यों की बेरहमी से हत्या कर दी। इसके बाद शवों को जला कर प्लास्टिक में भर कर नदी के जलकुंभी में फेंक दिया गया।
पीड़ितों को ₹50,000 की सहायता, CBI जांच की मांग
मुलाकात के दौरान सांसद पप्पू यादव ने पीड़ित परिवार को ₹50,000 की तत्काल सहायता दी और CBI या विशेष SIT से जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा,
“यह घटना केवल पूर्णिया की नहीं, बल्कि पूरी मानवता की हत्या है। जब दुनिया विज्ञान की ओर बढ़ रही है, तब ऐसी घटनाएं समाज में अंधविश्वास और पिछड़ेपन का खतरनाक प्रमाण हैं।”
यह साजिश थी, स्थानीय नहीं थे हमलावर
सांसद ने बताया कि परिजनों ने दावा किया है कि हमलावर स्थानीय नहीं थे। वे बाहरी लोग थे, जो पूर्व नियोजित रूप से गांव में घुसे और हमला किया। पप्पू यादव ने इसे पूर्व नियोजित साजिश बताते हुए राजनीतिक संरक्षण और प्रशासनिक लापरवाही की ओर संकेत किया।
अंधविश्वास फैलाने वालों पर तीखा हमला
पप्पू यादव ने समाज में ढोंगी बाबाओं, ओझाओं और तंत्र-मंत्र के नाम पर ठगी करने वालों पर भी तीखा हमला किया। उन्होंने कहा:
“आज देश में पुर्जा निकालने, कोरोना भगाने, या हनुमानजी से बात करने वाले बाबा ज्यादा हो गए हैं। ये समाज को पीछे की ओर धकेल रहे हैं। इन बाबाओं और उन्हें संरक्षण देने वाले नेताओं का सामाजिक बहिष्कार होना चाहिए।”
जनता से की तर्कशील सोच अपनाने की अपील
सांसद ने जनता से अंधविश्वास से दूर रहने, शिक्षा और विज्ञान को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है कि आदिवासी समुदाय को सुरक्षा, सम्मान और न्याय मिले।


