भागलपुर में जनसंवाद कार्यक्रम: SSP ने सुनी जनता की समस्याएं, बच्चों को झूठे मामलों में फंसाने की शिकायत पर जांच के निर्देश

भागलपुर (पीरपैंती): बिहार में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और आम लोगों की समस्याओं को सीधे सुनने के उद्देश्य से भागलपुर पुलिस लगातार जनसंवाद कार्यक्रम चला रही है। इसी कड़ी में वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमोद कुमार यादव पीरपैंती थाना क्षेत्र पहुंचे, जहां उन्होंने स्थानीय लोगों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं।

सैकड़ों लोगों ने रखी अपनी बात

जनसंवाद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष, जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग शामिल हुए। एसएसपी ने एक-एक कर लोगों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

बच्चों को झूठे मामलों में फंसाने की शिकायत

कार्यक्रम के दौरान एक गंभीर मुद्दा सामने आया, जिसमें लोगों ने आरोप लगाया कि छोटे-मोटे पारिवारिक विवादों में बच्चों को भी झूठे मामलों में फंसा दिया जाता है।
इस पर SSP प्रमोद कुमार यादव ने स्पष्ट कहा कि—

  • ऐसे मामलों की गहन जांच कराई जाएगी
  • किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा

अन्य प्रमुख समस्याएं भी उठीं

जनसंवाद में कई अन्य स्थानीय मुद्दे भी प्रमुखता से उठाए गए—

  • सूखा नशा (ड्रग्स) का बढ़ता प्रचलन
  • सड़कों पर मवेशी बांधने को लेकर विवाद
  • सीमानपुर नाले के पास शराबखोरी
  • क्षेत्र में अग्निशमन व्यवस्था की कमी
  • अतिक्रमण की समस्या

एसएसपी ने इन सभी मुद्दों पर संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए।

“हर समस्या का होगा समाधान” – SSP

एसएसपी ने भरोसा दिलाया कि जनता की हर समस्या को गंभीरता से लिया जाएगा और जल्द समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन का उद्देश्य केवल कानून लागू करना ही नहीं, बल्कि लोगों के साथ विश्वास और संवाद कायम करना भी है।

अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

कार्यक्रम में अनुमंडल पदाधिकारी कृष्ण कुमार गुप्ता, पुलिस उपाधीक्षक कहलगांव पंकज कुमार, पीरपैंती प्रमुख रेशमी कुमारी, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी कामेश्वर कुमार सहित कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

जनसंवाद से बढ़ेगा भरोसा

इस तरह के कार्यक्रमों से पुलिस और जनता के बीच संवाद मजबूत होता है और स्थानीय समस्याओं के समाधान में तेजी आती है।

निष्कर्ष:
पीरपैंती में आयोजित यह जनसंवाद कार्यक्रम प्रशासन और जनता के बीच भरोसे को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है। बच्चों को झूठे मामलों में फंसाने जैसे संवेदनशील मुद्दों पर कार्रवाई का आश्वासन लोगों के लिए राहत भरा संकेत है।

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