पटना/गया, 6 अगस्त 2025:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर बिहार की पावन भूमि गयाजी में दस्तक देने जा रहे हैं। आगामी 22 अगस्त को उनके गयाजी आगमन की आधिकारिक पुष्टि उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की है। प्रधानमंत्री के इस दौरे को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां जोरों पर हैं। खुद उपमुख्यमंत्री ने गया में अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की।
काशी मॉडल पर विष्णुपद व महाबोधि मंदिर में बनेगा कॉरिडोर
सम्राट चौधरी ने बताया कि मोदी सरकार के हालिया पूर्णकालिक बजट 2024 में गया के विष्णुपद मंदिर और बोधगया के महाबोधि मंदिर को काशी विश्वनाथ की तर्ज पर विकसित करने की योजना को धन मुहैया कराया गया है। अब इन पवित्र स्थलों में कॉरिडोर निर्माण का रास्ता साफ हो चुका है। इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और धार्मिक पर्यटन को नया आयाम मिलेगा।
बौद्ध पर्यटन सर्किट में होगा बड़ा निवेश
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बौद्ध धर्म स्थलों के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में ऐतिहासिक पहल की जा रही है। बोधगया को अंतरराष्ट्रीय धार्मिक केंद्र के रूप में देखते हुए रेलवे, सड़क, पार्किंग, संग्रहालय और जनसुविधाओं के विस्तार की कई परियोजनाओं की घोषणा होगी।
गया रेलवे स्टेशन का पुनर्निर्माण और 300 करोड़ रुपये की लागत से हवाई अड्डे का विस्तार इसी दिशा में किया जा रहा है।
नया गया — मोदी सरकार के विजन का प्रतिबिंब
बौद्ध सर्किट के तहत गयाजी को पर्यटन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके लिए केंद्र सरकार ने पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत परियोजनाएं शुरू की हैं।
गया में प्रस्तावित संग्रहालयों, पुरातात्विक स्थलों और धर्मस्थलों का नया स्वरूप देश-विदेश के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनेगा।
कृषि, जलवायु और बुनियादी ढांचे को भी मिलेगा नया बूस्ट
सम्राट चौधरी ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी गया दौरे के दौरान आधुनिक कृषि तकनीक, जलवायु परिवर्तन से निपटने की योजनाओं और कृषि-आधारित उद्योगों को लेकर भी घोषणाएं करेंगे।
गया नगर निगम क्षेत्र में सड़क, जलापूर्ति और शहरी ढांचे के तेजी से हो रहे विकास कार्य भी उनके विजन का ही हिस्सा हैं।
राजनीतिक संदेश भी साफ: बिहार में फिर से मोदी मैजिक
प्रधानमंत्री का यह दौरा सिर्फ विकास परियोजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं है, बल्कि बिहार में राजनीतिक तौर पर भाजपा की मज़बूत उपस्थिति का भी प्रतीक है। गया में उनके स्वागत की तैयारियों को देखते हुए यह साफ है कि पार्टी अपने कोर विकास एजेंडे के साथ 2025 की तैयारियों में जुट चुकी है।


