बिहार में प्राथमिक कक्षाओं में भोजपुरी, मैथिली, मगही और अंगिका में भी होगी पढ़ाई, SCERT में जल्द होगी बहाली; शिक्षा मंत्री ने दिए बड़े निर्देश

पटना: बिहार की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने घोषणा की है कि केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुरूप राज्य के सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को हिंदी के साथ-साथ भोजपुरी, मैथिली, मगही और अंगिका जैसी क्षेत्रीय भाषाओं में भी पढ़ाई कराई जाएगी। सरकार का मानना है कि मातृभाषा में शिक्षा मिलने से बच्चों की सीखने की क्षमता बेहतर होगी।

मंगलवार को विकास भवन स्थित सभागार में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) की समीक्षा बैठक के दौरान शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, शिक्षक प्रशिक्षण को मजबूत करने और विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए कई अहम निर्देश दिए।

SCERT में खाली पदों पर जल्द होगी बहाली

बैठक के दौरान शिक्षा मंत्री ने कहा कि SCERT में लंबे समय से खाली पड़े पदों को जल्द भरने के लिए बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को अधियाचना भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि संस्थान को मजबूत किए बिना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता।

अन्य राज्यों के मॉडल का होगा अध्ययन

मंत्री ने जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (DIET) की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को अन्य राज्यों की SCERT व्यवस्था का अध्ययन करने और बिहार में भी शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार अपनाने का निर्देश दिया। साथ ही अधिकारियों को नियमित रूप से स्कूलों का निरीक्षण कर जमीनी स्थिति का आकलन करने को कहा।

‘नो बैग डे’ पर स्वच्छता और स्वास्थ्य का पाठ

मिथिलेश तिवारी ने विद्यालयों में स्वच्छता अभियान को जन आंदोलन बनाने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक शनिवार आयोजित होने वाले ‘नो बैग डे’ के दौरान बच्चों को स्वच्छता और हेपेटाइटिस-बी से बचाव के बारे में जागरूक किया जाए, ताकि करीब दो करोड़ बच्चों के माध्यम से यह संदेश हर परिवार तक पहुंचे।

‘वंदे मातरम्’ और ‘जन गण मन’ का नियमित गायन अनिवार्य

शिक्षा मंत्री ने सभी सरकारी विद्यालयों में ‘वंदे मातरम्’ और ‘जन गण मन’ का नियमित गायन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में अनुशासन, राष्ट्रभावना और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण को बढ़ावा देना आवश्यक है।

अगस्त में होगा मास्टर ट्रेनर्स का विशेष प्रशिक्षण

शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने के लिए अगस्त महीने में पटना में प्रशिक्षकों (ट्रेनर्स) का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य शिक्षकों के प्रशिक्षण की गुणवत्ता को और अधिक प्रभावी बनाना है।

संस्कृत शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट पर विशेष जोर

बैठक में शिक्षा मंत्री ने संस्कृत शिक्षा की वर्तमान स्थिति पर चिंता जताते हुए इसे मजबूत करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि बिहार के विद्यार्थियों को राज्य में ही गुणवत्तापूर्ण संस्कृत शिक्षा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों के कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

गाइड बुक और पूरक पुस्तकों की तैयारी पूरी

बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि शिक्षकों के व्यावसायिक विकास, कला एवं खेल, पुस्तकालय, आईसीटी लैब और आईएसएम लैब समेत विभिन्न विषयों के लिए गाइड बुक तैयार कर ली गई हैं। वहीं, कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए पूरक पुस्तकें भी विकसित की गई हैं।

शिक्षा विभाग का मानना है कि इन फैसलों से बिहार में प्रारंभिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और बच्चों को मातृभाषा के माध्यम से बेहतर सीखने का अवसर मिलेगा।

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