बिहार में शिक्षा व्यवस्था पर बढ़ा दबाव: नए शिक्षा मंत्री के आश्वासन के बीच TRE-4 अभ्यर्थियों का प्रदर्शन, पुलिस ने किया लाठीचार्ज

बिहार में सम्राट सरकार के कैबिनेट विस्तार के अगले ही दिन शिक्षा विभाग को लेकर दो अलग-अलग तस्वीरें सामने आईं। एक तरफ नए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने विभाग में लंबित कार्यों को तेजी से पूरा करने और भर्ती प्रक्रियाओं में तेजी लाने का भरोसा दिया, वहीं दूसरी ओर TRE-4 शिक्षक भर्ती विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर अभ्यर्थी सड़कों पर उतर आए। राजधानी पटना में प्रदर्शन के दौरान पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच टकराव हुआ, जिसके बाद लाठीचार्ज किया गया।

पदभार संभालते ही एक्शन में नए शिक्षा मंत्री

शुक्रवार को शिक्षा विभाग का पदभार ग्रहण करने के बाद नए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि विभाग में लंबित फाइलों और भर्ती प्रक्रियाओं को बिना देरी के निपटाया जाए।

मंत्री ने कहा कि वे स्वयं शिक्षक रह चुके हैं, इसलिए शिक्षकों और अभ्यर्थियों की समस्याओं को अच्छी तरह समझते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि TRE-4 भर्ती प्रक्रिया को लेकर जल्द बैठक की जाएगी और अभ्यर्थियों की समस्याओं के समाधान पर काम होगा।

उन्होंने विभाग में ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ लागू करने की बात भी कही, ताकि फाइलें लंबे समय तक लंबित न रहें और सभी कार्य तय समय सीमा में पूरे किए जा सकें। साथ ही अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की भी बात कही।


TRE-4 अभ्यर्थियों का प्रदर्शन, पटना की सड़कों पर हंगामा

नए शिक्षा मंत्री के आश्वासन के बावजूद TRE-4 शिक्षक भर्ती विज्ञापन जारी नहीं होने से नाराज अभ्यर्थियों का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पटना कॉलेज पहुंचे, जहां से विरोध मार्च निकाला गया।

प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास तक मार्च करना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया। अभ्यर्थियों की मांग थी कि TRE-4 भर्ती का विज्ञापन जल्द जारी किया जाए। इसके अलावा वे नई भर्ती नियमावली को वापस लेने की भी मांग कर रहे थे।


“भविष्य अधर में लटका है” — अभ्यर्थियों का आरोप

प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार लगातार शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में देरी कर रही है, जिससे युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। छात्रों का आरोप है कि लंबे समय से भर्ती विज्ञापन का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की गई है।


बाकरगंज और जेपी गोलंबर पर पुलिस-छात्र टकराव

जब प्रदर्शनकारी बाकरगंज होते हुए जेपी गोलंबर की ओर बढ़े, तब वहां भारी पुलिस बल तैनात था। पुलिस द्वारा आगे बढ़ने से रोके जाने पर अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई।

स्थिति बिगड़ने के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इस दौरान कई अभ्यर्थियों के घायल होने की सूचना है, जिनमें महिला अभ्यर्थी भी शामिल हैं। मौके पर अफरातफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, जबकि कुछ छात्र नेताओं को भी पुलिस वैन में बैठाकर ले जाया गया।


नई नियमावली के खिलाफ भी नाराजगी

TRE-4 अभ्यर्थियों का विरोध सिर्फ भर्ती विज्ञापन तक सीमित नहीं है। प्रदर्शनकारी BPSC की नई नियमावली का भी विरोध कर रहे हैं।

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता दिलीप ने कहा कि नई व्यवस्था कई उम्मीदवारों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द फैसला नहीं लिया तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा।


कैबिनेट विस्तार के बाद शिक्षा विभाग पर बढ़ा दबाव

सम्राट सरकार के कैबिनेट विस्तार के तुरंत बाद शिक्षा विभाग सबसे ज्यादा चर्चा में आ गया है। एक तरफ नए शिक्षा मंत्री तेज फैसलों और सुधार का संदेश दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सड़क पर उतरे अभ्यर्थी सरकार की मंशा और तैयारी पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार TRE-4 भर्ती प्रक्रिया को लेकर कितनी जल्दी फैसला लेती है और क्या नए शिक्षा मंत्री का “अब कुछ नहीं फंसेगा” वाला दावा जमीन पर उतर पाता है या नहीं।

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