बिहार के एक DSP की अवैध संपत्ति जब्त करने की तैयारी

बिहार में पेपर लीक की घटनाओं में भारी वृद्धि हुई है. बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षा हो या पुलिस बहाली की. अधिकांश प्रतियोगी परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक हो रहा, जिससे देश भर में बिहार की भद्द पिट रही . बिहार पुलिस ने स्वीकार किया है कि 2012 से लेकर अब तक 10 प्रतियोगी परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक हुआ, जिसका केस आर्थिक अपराध इकाई ने दर्ज किया है.

बीपीएसपी पेपर लीक का मास्टर माइंड हैं रंजीत

2022 में  बिहार लोक सेवा आयोग की 67वीं की पीटी परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक हुआ था. तब काफी बवेला मचा था. नीतीश सरकार की भद्द पिट गई थी. तब सरकार ने आर्थिक अपराध इकाई को जांच का जिम्मा दिया गया. ईओयू ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की. कई सरकारी अधिकारी भी पकड़े गए. तब आर्थिक अपराध इकाई ने पुलिस के एक डीएसपी को पकड़ा था. डीएसपी रंजीत रजक पेपर लीक कांड का सरगना निकला था. इसके बाद ईओयू ने उसे गिरफ्तार कर लिया. आर्थिक अपराध इकाई ने आरोपी डीएसपी को जेल भेजने के साथ-साथ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का केस भी दर्ज किया था. ईओयू ने बीपीएससी पेपर लीक कांड के आरोपी रंजीत रजक के खिलाफ 5 अगस्त 2022 को डीए केस सं.- 30/22 दर्ज किया था.

संपत्ति अधिहरण की कार्रवाई जारी

आर्थिक अपराध इकाई ने बताया है कि आरोपी डीएसपी रंजीत कुमार रजक का आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का केस अनुसंधान में है. इसी क्रम में 5 अचल संपत्ति के कागजात, 8 बैक खाता और अन्य वित्तीय निवेश का पता कर उसे जब्त किया गया है. साथ ही बिहार स्पेशल कोर्ट एक्ट के अनुरूप इनके अधिहरण के लिए आगे की कार्रवाई की जा रही है. p में उसकी अकूत संपत्ति का खुलासा हुआ था. टीम ने रंजीत रजक के पटना के वीणा बिहार नीति बाग कालोनी के किराये के आवास फ्लैट नंबर 202 एवं कटिहार जिले के मनिहारी थाना स्थित हंसवर स्थित पैतृक घर एवं अररिया के महादेव चौक स्थित ससुराल में रेड की थी. प्रारंभिक आकलन में डीएसपी रंजीत रजक का आय से 81 फीसद अधिक संपत्ति पाई गई थी.

 आर्थिक अपराध इकाई की जांच में इस बात का खुलासा हुआ था कि डीएसपी रंजीत रजक ने अपनी कमाई को छिपाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाए। डीएसपी रंजीत रजक ने बिहार लोक सेवा आयोग की 56 वीं प्रतियोगिता परीक्षा पास कर दस फरवरी 2015 को पुलिस उपाधीक्षक के पद पर योगदान दिया था।

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