रोज़गार से लेकर रफ्तार तक, मेट्रो बनेगी राजधानी के विकास की नई पहचान
पटना, 24 जुलाई।राजधानी पटना के लिए यह स्वतंत्रता दिवस खास होने वाला है। राज्य सरकार और मेट्रो निर्माण एजेंसियां 15 अगस्त 2025 को पटना मेट्रो सेवा की शुरुआत करने की दिशा में युद्धस्तर पर कार्य कर रही हैं। यह परियोजना शहर की यातायात व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलने जा रही है।
दिन-रात दो शिफ्ट में जारी है निर्माण कार्य
मेट्रो संचालन की तैयारी के तहत मलाही पकड़ी से न्यू आईएसबीटी तक के 6.2 किलोमीटर लंबे प्राथमिक कॉरिडोर पर ट्रैक बिछाने का कार्य पूरा कर लिया गया है। इस रूट पर कुल पांच स्टेशन प्रस्तावित हैं:
- मलाही पकड़ी
- खेमनीचक
- भूतनाथ
- जीरोमाइल
- न्यू आईएसबीटी
प्रारंभिक चरण में चार स्टेशनों—मलाही पकड़ी, भूतनाथ, जीरोमाइल और न्यू आईएसबीटी—पर मेट्रो का परिचालन आरंभ होगा। खेमनीचक स्टेशन पर फिलहाल परिचालन नहीं किया जाएगा।
स्टेशनों पर अंतिम चरण में कार्य
इन स्टेशनों पर निम्न कार्य अंतिम चरण में हैं:
- स्वचालित किराया संग्रह प्रणाली (AFC)
- प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर (PSD)
- स्वचालित सीढ़ियाँ एवं एस्केलेटर
- स्मार्ट गेट और सुरक्षा व्यवस्था
सुरक्षा मानकों का हो रहा कड़ाई से पालन
मेट्रो परियोजना में सभी सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जा रहा है। डिपो क्षेत्र में भी वाशिंग पिट, मेंटेनेंस यूनिट, कंट्रोल रूम, वर्कशॉप शेड, विद्युत सब-स्टेशन और ट्रैक यूनिट का काम लगभग पूरा हो चुका है।
पहली मेट्रो रैक पटना पहुंच चुकी

मेट्रो के ट्रायल रन के लिए तीन बोगियों वाली पहली रैक हाल ही में पूणे से पटना पहुंच चुकी है। इसके ट्रायल के लिए निर्माण एजेंसियां 24×7 कार्य कर रही हैं, ताकि 15 अगस्त को पहले चरण का उद्घाटन समय पर हो सके।
रोज़गार और कारोबार को मिलेगा बढ़ावा
पटना मेट्रो सिर्फ एक परिवहन परियोजना नहीं है, यह राजधानी की आर्थिक और सामाजिक संरचना में एक सकारात्मक बदलाव लाने जा रही है। इसके जरिए:
- स्थानीय युवाओं को तकनीकी, परिचालन, रखरखाव और सुरक्षा से जुड़े क्षेत्रों में रोजगार मिलेगा।
- आवागमन की सुगमता से शहर में व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच में सुधार होगा।
- शहरी विस्तार को सुनियोजित तरीके से आकार देने में मदद मिलेगी।
पटना मेट्रो परियोजना, राजधानीवासियों के लिए स्वतंत्रता दिवस की एक ऐतिहासिक सौगात बनने जा रही है। तेज़, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल मेट्रो न केवल शहर की सूरत बदलेगी, बल्कि यह बिहार के शहरी विकास की दिशा में एक मजबूत कदम भी साबित होगी।



