मुजफ्फरपुर: उत्तर बिहार के प्रसिद्ध बाबा गरीबनाथ मंदिर में महाशिवरात्रि को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। मंदिर परिसर को फूलों और सजावट से भव्य रूप दिया जा रहा है। शिव-पार्वती विवाहोत्सव को लेकर पूरे शहर में उत्सव जैसा माहौल है।
68 साल पुरानी मौड़ी बनाने की परंपरा
महाशिवरात्रि के अवसर पर भगवान शिव को विशेष मौड़ी पहनाई जाती है। इस वर्ष:
- पूजा के लिए 5 फीट ऊंची मौड़ी
- शिव बारात के लिए 3 फीट की मौड़ी
तैयार की जा रही है। मौड़ी निर्माण की यह परंपरा पिछले 68 वर्षों से एक ही परिवार द्वारा निशुल्क निभाई जा रही है। इसकी शुरुआत फग्गूलाल साह ने की थी और अब चौथी पीढ़ी इस सेवा को आगे बढ़ा रही है।
15 दिन में तैयार होती है मौड़ी
मौड़ी बनाने में लगभग 15 दिन लगते हैं। इसे कुट, जीरा, साज और तार से तैयार किया जाता है तथा मोती, रुद्राक्ष और जड़ी-बूटियों से सजाया जाता है। कारीगर गनौर राम पिछले करीब पांच दशकों से इस कार्य में जुड़े हैं।
परिवार के सदस्य रंजन साह के अनुसार, यह सेवा उनके लिए आस्था और आत्मिक संतोष का विषय है।
पूरा शहर बनता है बाराती
स्थानीय आयोजकों के मुताबिक महाशिवरात्रि के अवसर पर मुजफ्फरपुर समेत उत्तर बिहार से लाखों श्रद्धालु बाबा के विवाहोत्सव में शामिल होते हैं। इस दिन पूरा शहर खुद को बाबा की बारात का हिस्सा मानता है।
इन रास्तों से निकलेगी शिव बारात
भव्य शिव बारात गोला रोड स्थित रामभजन बाजार से निकलेगी और शहर के कई प्रमुख इलाकों से गुजरते हुए बाबा गरीबनाथ धाम पहुंचेगी। शोभायात्रा में इस बार कई आकर्षक झांकियां शामिल की गई हैं, जिनमें:
- शेर पर सवार मां दुर्गा
- शनिदेव की झांकी
- शिव-पार्वती वरमाला दृश्य
मुख्य आकर्षण होंगे।
लाखों श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद
बारात शुरू होने से पहले भगवान शिव को विशेष मौड़ी पहनाकर रथ पर विराजमान किया जाएगा। इसके बाद भव्य शोभायात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल होंगे।


