पटना, 19 सितंबर 2025। बिहार सरकार तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों पर काबू पाने के लिए सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर (SOC) बनाने जा रही है। यह सेंटर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के अंतर्गत चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा। फिलहाल गृह विभाग ने इसके लिए 14.74 करोड़ रुपये जारी किए हैं।
एसओसी की भूमिका और उद्देश्य
- साइबर अपराध रोकने और साइबर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए त्वरित कार्रवाई।
- अपराधियों के खिलाफ तेज निष्पादन में मदद।
- अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर और उपकरणों की खरीद।
गिरफ्तार तीन साइबर अपराधी
एडीजी (EOU) नैयर हसनैन खान ने बताया कि रामप्रवेश कुमार, विकास कुमार और मिथिलेश कुमार को मधेपुरा से गिरफ्तार किया गया। ये अपराधी यू-ट्यूब और गूगल से फर्जीवाड़ा करना सीख चुके थे।
- आधार डेटा और बॉयोमेट्रिक अपलोड के सॉफ्टवेयर का दुरुपयोग।
- फिंगरप्रिंट सिलिकॉन का उपयोग कर साइबर ठगी।
- मामले की जांच ईओयू द्वारा जारी।
भ्रष्ट लोकसेवकों पर कार्रवाई
- भागलपुर के जिला अवर निबंधक विनय सौरभ: वास्तविक आय से 188% अधिक संपत्ति।
- मधुबनी अंचल के अधीक्षण अभियंता विनोद कुमार राय: 69.35% अधिक अवैध संपत्ति।
- विनोद राय को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, पत्नी बबली राय की तलाश जारी।
विधायक खरीद-फरोख्त मामले में पूछताछ
- अब तक दो विधायकों भागीरथी देवी और दिलीप राय से पूछताछ।
- कुल 5 विधायक, 6 राजनैतिक कार्यकर्ता और 9 विधायकों के अंगरक्षक से पूछताछ की जा चुकी।
- मामले की जांच जारी।
एडीजी ने कहा कि SOC बनने के बाद साइबर अपराध की रोकथाम और मामलों के निष्पादन में तेजी आएगी। प्रेस वार्ता में डीआईजी (साइबर) संजय कुमार सिंह भी मौजूद थे।


