भागलपुर, 02 सितंबर 2025: माइक्रोफाइलेरिया (फाइलेरिया) की जांच के लिए जिले के शहरी क्षेत्रों और सभी प्रखंडों में 15 से 25 सितंबर 2025 तक नाइट ब्लड सर्वे कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
इस मौके पर आयोजित लैब तकनीशियन प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला वेक्टर-बोर्न डिज़ीज़ कंट्रोल ऑफिसर डॉ. दीनानाथ ने बताया कि हर प्रखंड और शहरी क्षेत्र में 1 लैब तकनीशियन सहित 4 सदस्यीय टीम काम करेगी। टीम रैंडम और सेंटिनल साइट पर रात 8:30 बजे के बाद 600 लोगों के ब्लड सैंपल कलेक्ट करेगी।
डॉ. दीनानाथ ने स्पष्ट किया कि यदि इन 600 सैंपलों में से 1% यानी 6 या अधिक लोग माइक्रोफाइलेरिया पॉजिटिव पाए जाते हैं, तो वह प्रखंड या शहरी क्षेत्र फाइलेरिया प्रभावित क्षेत्र माना जाएगा। इसके आधार पर आगामी एमडीए राउंड (सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम) के लिए चयन किया जाएगा, जिसमें लोगों को फाइलेरिया से बचाव के लिए दवा दी जाएगी।
इस अवसर पर सीनियर लैब तकनीशियन रौशन कुमार ने सभी तकनीशियनों को सैंपल कलेक्शन, स्टेनिंग और रिपोर्टिंग से जुड़े तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी। साथ ही, बीएचडीसीओ आरती कुमारी, डेवलपमेंट पार्टनर पीरामल स्वास्थ्य के पीएलसीडी विजय कुमार, सीफार के सीनियर प्रोजेक्ट एसोसिएट जय प्रकाश कुमार, जिला फाइलेरिया कार्यालय के जितेंद्र कुमार और माखन मंडल सहित जिले के सभी प्रखंडों और शहरी क्षेत्रों से आए लैब तकनीशियन उपस्थित रहे।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों से अपील:
वे क़ेश्वर रोग नियंत्रण पदाधिकारी आरती कुमारी ने कहा कि नाइट ब्लड सर्वे कार्यक्रम की सफलता में स्थानीय प्रतिनिधियों का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सक्रिय सहयोग से लोगों को फाइलेरिया की गंभीरता के प्रति जागरूक किया जा सकता है और अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि सभी जगहों पर उद्घाटन स्थानीय जनप्रतिनिधि या प्रशासनिक अधिकारी द्वारा करवाया जाएगा।
इस कार्यक्रम से जिले में फाइलेरिया के रोकथाम और लोगों के स्वास्थ्य सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाने की उम्मीद है।
