
पटना/भागलपुर।बिहार सरकार ने राज्य बजट में पूर्वी बिहार, कोसी और सीमांचल क्षेत्र को बड़ी सौगात देने का संकेत दिया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में कृषि के साथ-साथ इंफ्रास्ट्रक्चर और यात्री सुविधाओं पर खास फोकस रखा गया है। इसी कड़ी में भागलपुर से 19 सीटर विमान सेवा शुरू करने की संभावना पर सरकार गंभीरता से काम कर रही है।
छोटे शहरों से उड़ान भरने की योजना
वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने विधानसभा में बताया कि राज्य सरकार का लक्ष्य छोटे और मध्यम शहरों को हवाई नेटवर्क से जोड़ना है। इसी के तहत भागलपुर, वीरपुर, मुंगेर और सहरसा में 19 सीटर विमान परिचालन के लिए पूर्व-व्यवहार्यता अध्ययन कराया गया है।
- भागलपुर एयरपोर्ट के लिए अध्ययन पर 1.21 करोड़ रुपये
- वीरपुर, मुंगेर, भागलपुर और सहरसा के लिए संयुक्त रूप से करोड़ों रुपये
- यह भुगतान भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI), नई दिल्ली को किया गया है।
सहरसा एयरपोर्ट के लिए 147 करोड़ की तैयारी
सहरसा हवाई अड्डा के रनवे विस्तार के लिए
- करीब 12 एकड़ अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण
- इसके लिए लगभग 147 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति की प्रक्रिया चल रही है।
ओएलएस सर्वे भी पूरा
सुल्तानगंज (भागलपुर), वीरपुर, मुंगेर और सहरसा हवाई अड्डा के लिए Obstacle Limitation Surface (OLS) सर्वे कराया गया है। इसके लिए भी AAI को भुगतान किया जा चुका है।
सुल्तानगंज ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट
- कुल 931 एकड़ भूमि अधिग्रहण
- अनुमानित लागत 472.72 करोड़ रुपये
- प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।
सुपौल और पूर्णिया को भी लाभ
- सुपौल एयरपोर्ट के लिए
- 88.83 एकड़ भूमि
- 42.37 करोड़ रुपये का भुगतान
- पूर्णिया सैन्य हवाई अड्डा
- सितंबर 2025 से सिविल उड़ान
- 15 एकड़ अतिरिक्त भूमि के लिए 22.45 करोड़ रुपये मुआवजा
इलेक्ट्रिक बसों की भी सौगात
भागलपुर और पूर्णिया में
- पीएम ई-बस योजना के तहत
- 400 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी।
पूर्वी बिहार को मिलेगी नई रफ्तार
सरकार का मानना है कि हवाई सेवा शुरू होने से
- व्यापार
- पर्यटन
- शिक्षा और स्वास्थ्य
- निवेश
को नई गति मिलेगी।


