पटना—बिहार विधानमंडल का सत्र सोमवार से शुरू हो गया है, जो पाँच दिनों तक चलेगा। पहले दिन कुल 235 नवनिर्वाचित विधायकों ने शपथ ग्रहण किया। शपथ लेने वालों में सबसे पहले उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का नाम आया, जिसके बाद विजय कुमार सिन्हा ने शपथ ली।
वरीयता क्रम के आधार पर मंत्रियों और अन्य विधायकों को क्रमवार शपथ दिलाई गई। विधानसभा सचिव ने विधायकों को एक-एक कर बुलाया। इस दौरान प्रोटेम स्पीकर ने सदन को संबोधित किया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी पूरे समय सदन में मौजूद रहे।
आज सत्र का दूसरा दिन, स्पीकर का चुनाव
आज (2 दिसंबर) सत्र के दूसरे दिन विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव होना है। सोमवार को शपथ ग्रहण कार्यक्रम के समाप्त होते ही एनडीए की ओर से भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. प्रेम कुमार ने विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए औपचारिक रूप से नामांकन दाखिल कर दिया।
सत्र 5 दिसंबर तक चलेगा और कुल पाँच बैठकें होंगी। यह 18वीं विधानसभा की पहली बैठक है, इसलिए सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही इस सत्र को महत्वपूर्ण मान रहे हैं।
- विपक्ष, सरकार को घेरने की रणनीति के साथ
- सत्ता पक्ष, विपक्ष के सवालों का जवाब देने की तैयारी में
सदन में उतरने वाला है।
नौ बार के विधायक हैं प्रेम कुमार, बनेगे 18वें स्पीकर
भाजपा के वरिष्ठ नेता और गया से लगातार नौ बार विधायक डॉ. प्रेम कुमार का निर्विरोध विधानसभा अध्यक्ष चुना जाना लगभग तय है। उन्होंने सोमवार को नामांकन दाखिल किया और इस पद के लिए वे अकेले उम्मीदवार हैं।
भाजपा कोटे से वे विजय कुमार सिन्हा और नंदकिशोर यादव के बाद तीसरे अध्यक्ष होंगे। इससे पहले जदयू के उदय नारायण चौधरी और विजय कुमार चौधरी भी इस पद पर रह चुके हैं।
1990 से लगातार जीत का रिकॉर्ड
डॉ. प्रेम कुमार पहली बार 1990 में विधायक बने थे और तब से अब तक लगातार हर चुनाव जीतते हुए नौ बार विधानसभा पहुंचे हैं।
वे इन वर्षों में विजयी रहे—
1990, 1995, 2000, 2005 (फरवरी), 2005 (अक्टूबर), 2010, 2015, 2020 और 2025।
वे अत्यंत पिछड़ा वर्ग से आने वाले प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं।
नेता प्रतिपक्ष भी रह चुके, कई विभागों का संभाला प्रभार
मगध विश्वविद्यालय से पीएचडी कर चुके डॉ. प्रेम कुमार का राजनीतिक सफर जेपी आंदोलन से शुरू हुआ।
- 2015–2017 तक वे बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे।
- अब तक वे दस से अधिक विभागों के मंत्री रह चुके हैं।
- 2005 में नीतीश सरकार में पहली बार मंत्री बने और
- 2010, 2017–2020, 2020–2024 तक भी कैबिनेट मंत्री रहे।
पथ निर्माण, नगर विकास समेत कई महत्वपूर्ण विभागों को उन्होंने सफलतापूर्वक संभाला।


