हज भवन में ‘अमन-चैन’ की दुआ! जदयू की दावत-ए-इफ्तार में शामिल हुए CM नीतीश; रोजेदारों संग मांगी बिहार की खुशहाली

HIGHLIGHTS: इफ्तार और भाईचारे का संदेश

  • प्रमुख कार्यक्रम: हज भवन में जनता दल (यूनाइटेड) द्वारा आयोजित भव्य दावत-ए-इफ्तार।
  • दुआ: इफ्तार के बाद सामूहिक नमाज में प्रदेश और देश में शांति एवं सद्भाव के लिए मांगी गई दुआ।
  • जुटा कुनबा: जदयू के कई दिग्गज मंत्री, विधायक और वक्फ बोर्ड के अध्यक्षों की रही गरिमामयी मौजूदगी।

पटना | 17 मार्च, 2026

​राजधानी पटना के हज भवन में आज शाम इबादत और सद्भाव का संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जदयू द्वारा आयोजित दावत-ए-इफ्तार में शामिल हुए। मुख्यमंत्री के पहुंचते ही उनका भव्य स्वागत किया गया और गुलदस्ता भेंट कर रोजेदारों ने उनका अभिनंदन किया।

दुआओं का दौर: प्रदेश की शांति के लिए उठे हाथ

​इफ्तार का समय होते ही मुख्यमंत्री ने अन्य रोजेदारों के साथ खजूर खाकर इफ्तार किया। इसके बाद मगरिब की नमाज अदा की गई।

​”नमाज के दौरान मुख्यमंत्री सहित सभी उपस्थित जनों ने एक स्वर में बिहार और देश में अमन-चैन, शांति तथा भाईचारे का माहौल कायम रहने की मन्नत मांगी।”

मंच पर ‘पावर’: इफ्तार में शामिल प्रमुख चेहरे

​इस आयोजन में जदयू और सरकार के कई बड़े चेहरे एक साथ नजर आए:

विभाग/संस्था

उपस्थित गणमान्य

कैबिनेट मंत्री

श्री विजय कुमार चौधरी, मो० जमा खान, श्रीमती लेशी सिंह

जदयू संगठन

श्री उमेश कुशवाहा (प्रदेश अध्यक्ष), श्री ललन सर्राफ, श्री खालिद अनवर

बोर्ड एवं परिषद

मो० इर्शादुल्लाह (सुन्नी वक्फ), मो० इर्शाद अली आजाद (शिया वक्फ), श्री सलीम परवेज (मदरसा बोर्ड)

अन्य

श्री संजय कुमार सिंह उर्फ गांधी जी, श्री अरविंद कुमार (नागरिक परिषद्)

VOB का नजरिया: सियासत और सौहार्द की ‘इफ्तार डिप्लोमेसी’

​बिहार की राजनीति में ‘इफ्तार’ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता का एक मजबूत संदेश भी है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ का मानना है कि हज भवन में जुटी यह भीड़ और मुख्यमंत्री की मौजूदगी यह दर्शाती है कि राज्य में ‘न्याय के साथ विकास’ के साथ-साथ ‘सांप्रदायिक सौहार्द’ सरकार की प्राथमिकताओं में ऊपर है। ऐसे आयोजनों से समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद का रास्ता खुलता है, जो किसी भी लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है।

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