
दिनांक: 13 जुलाई, 2025 | जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने आज एक बार फिर नीतीश कुमार की अगुवाई वाली सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला। बिहार बदलाव यात्रा के दौरान सहरसा पहुंचे प्रशांत किशोर ने सौर बाजार में पत्रकारों से बात करते हुए नीतीश सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए।
मतदाता सूची में विदेशी नामों को लेकर उठाए सवाल
प्रशांत किशोर ने कहा:
“भाजपा और नीतीश कुमार की सरकार को यह बताना चाहिए कि उनकी सरकार के दौरान नेपाल और बांग्लादेश के नागरिक बिहार में आकर वोटर लिस्ट में अपना नाम कैसे जुड़वा लिए? यह केवल प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि लोकतंत्र के साथ खुला खिलवाड़ है।”
उन्होंने कहा कि इन विदेशी नागरिकों को न केवल वोटिंग का अधिकार मिल रहा है, बल्कि वे बिहार की सुविधाओं और संसाधनों का भी लाभ उठा रहे हैं। यह पूरे राज्य की सुरक्षा और सामाजिक संरचना के लिए गंभीर खतरा है।
नीतीश कुमार को बताया “अचेत गृह मंत्री”
प्रशांत किशोर ने कानून व्यवस्था को लेकर भी नीतीश सरकार पर हमला बोला और कहा:
“बिहार के असली गृह मंत्री नीतीश कुमार हैं, लेकिन वे अचेत अवस्था में हैं। इसीलिए राज्य में अपराध बेलगाम है। हत्या, बलात्कार और डकैती जैसे गंभीर अपराधों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। सम्राट चौधरी को न तो कानून व्यवस्था की समझ है और न ही उनके पास कोई अधिकार।”
“सरकार का इकबाल खत्म हो चुका है”
उन्होंने दावा किया कि बिहार सरकार अब जनता का विश्वास खो चुकी है। अपराधियों में कानून का कोई भय नहीं बचा है, और पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। उन्होंने कहा कि जन सुराज का उद्देश्य इसी व्यवस्था को बदलना है, और जनता से आह्वान किया कि वे इस आंदोलन से जुड़ें।
मधेपुरा और खगड़िया में भी करेंगे संवाद
प्रशांत किशोर की बिहार बदलाव यात्रा का अगला पड़ाव मधेपुरा और खगड़िया है, जहां वे आम लोगों से संवाद करेंगे और जन सुराज की नीति और योजना को साझा करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई राजनीतिक रैली नहीं, बल्कि जनजागरण यात्रा है।
प्रशांत किशोर के इस बयान से बिहार की राजनीति में एक बार फिर बहस तेज हो गई है। नेपाल और बांग्लादेश के नागरिकों के वोटर लिस्ट में नाम शामिल होने का मुद्दा अब सीधे सरकार के जवाबदेही से जुड़ चुका है। क्या नीतीश सरकार इस पर कोई स्पष्टीकरण देगी या इसे एक और राजनीतिक बयान कहकर टाल देगी, यह देखने वाली बात होगी।


