
अररिया में आयोजित जन सुराज की मीडिया ब्रीफिंग के दौरान ने बिहार की नई सरकार और मुख्यमंत्री के चयन को लेकर तीखा बयान दिया। उन्होंने बिना नाम लिए नए मुख्यमंत्री पर सवाल खड़े किए और भाजपा की कार्यशैली पर निशाना साधा।
‘चाल, चरित्र और चेहरा’ पर तंज
प्रशांत किशोर ने कहा कि भाजपा अक्सर ‘चाल, चरित्र और चेहरा’ की बात करती है, लेकिन बिहार को जो नया नेतृत्व दिया गया है, उसमें ये तीनों ही चर्चा का विषय होना चाहिए। उन्होंने इसे भाजपा की नई राजनीति का उदाहरण बताया।
‘बिहार अब गुजरात से चलेगा’
उन्होंने आरोप लगाया कि अब बिहार की राजनीति स्थानीय स्तर पर नहीं, बल्कि बाहर से नियंत्रित होगी। उन्होंने कहा कि भाजपा ने यह संकेत दे दिया है कि बिहार को अब गुजरात से संचालित किया जाएगा।
अमित शाह पर साधा निशाना
प्रशांत किशोर ने कहा कि मुख्यमंत्री भले कोई भी हो, लेकिन असली नियंत्रण के हाथ में रहेगा। उन्होंने इसे ‘रिमोट कंट्रोल सरकार’ करार दिया।
रोजगार और पलायन का मुद्दा उठाया
पीके ने बिहार के युवाओं के पलायन पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में बिहार के युवा कम मजदूरी पर दूसरे राज्यों, खासकर गुजरात, में काम करने को मजबूर हैं।
उनका आरोप था कि मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था इस स्थिति को बदलने के बजाय और मजबूत कर रही है, जिससे बिहार के युवा मजदूर बने रहेंगे और अन्य राज्यों के लोग मालिक।
सियासी बयानबाजी तेज
बिहार में सत्ता परिवर्तन के बाद राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज हो गई है। प्रशांत किशोर का यह बयान भी उसी कड़ी में देखा जा रहा है, जहां विपक्ष और राजनीतिक रणनीतिकार नई सरकार को घेरने में जुटे हैं।
कुल मिलाकर, नए मुख्यमंत्री के गठन के साथ ही बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है और आने वाले दिनों में यह सियासी टकराव और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।


