बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में करारी हार के बावजूद रणनीतिकार से राजनेता बने प्रशांत किशोर ने मैदान नहीं छोड़ा है। उन्होंने युवाओं को जन सुराज पार्टी से जोड़ने की मुहिम शुरू कर दी है और पार्टी को वार्ड स्तर तक फैलाने की तैयारी की जा रही है।
मीडिया से 2 महीने बाद मुखातिब

शेखपुरा हाउस स्थित कैंप कार्यालय में पीके ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि एनडीए सरकार अभी हनीमून पीरियड में चल रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने सरकार को 6 महीने की मोहलत दी थी और अब सड़कों पर आंदोलन के लिए उतरने का समय आ गया है।
आरसीपी सिंह पर कटाक्ष
कार्यक्रम में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती भी मौजूद थे। पत्रकारों के सवाल पर कि आरसीपी सिंह जेडीयू में शामिल हो सकते हैं, पीके ने जवाब दिया,
“यहां तो मेरी पार्टी में लोग आ रहे हैं।”
बिहार में लंबे संघर्ष का एलान
पीके ने कहा कि पार्टी बिहार नहीं छोड़ेगी और लंबी लड़ाई के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि 31 मई के बाद पार्टी अपना अभियान शुरू करेगी, और पहले यह देखा जाएगा कि एनडीए सरकार चुनावी वादे पूरे कर रही है या नहीं।
“हम यह भी देखेंगे कि जिन लोगों को 10 हजार रुपये रोजगार के लिए दिए गए, उन्हें बाकी का एक लाख 90 हजार कब मिलेगा। सरकार ने पेंशन 1100 रुपये पर तय की, जबकि हमने 2000 की मांग की थी।”
— प्रशांत किशोर, जन सुराज पार्टी
पार्टी की एकजुटता
युवा नेता मनीष कश्यप ने कहा कि पार्टी विधानसभा चुनाव में कमजोर प्रदर्शन के बावजूद जनहित के मुद्दों पर लगातार संघर्ष करेगी।
“बिहार की जनता ने हमें संघर्ष के लिए चुना है। सरकार अपने वायदे पूरे नहीं करेगी तो आंदोलन जारी रहेगा।”
प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने कहा कि मिथिला क्षेत्र के युवा नेता पार्टी से जुड़ रहे हैं, क्योंकि जन सुराज पार्टी बिहार के हित की बात करती है।
“हमारे कार्यकर्ता सड़कों पर उतरने के लिए तैयार हैं और जनहित के मुद्दों पर संघर्ष करेंगे।”



