प्रशांत किशोर बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की हार के बाद फिर से राजनीतिक संघर्ष में जुटे, निकाय चुनाव पर हो सकता है बड़ा फैसला

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में जन सुराज पार्टी (JSP) को मिली करारी हार के बाद प्रशांत किशोर बिहार की राजनीति में वापसी के लिए पूरी तरह से जुटे हुए हैं। हार के सदमे से उबरने की कोशिश करते हुए, वह बिहार नवनिर्माण यात्रा के जरिए संगठन को फिर से मजबूत करने में लगे हैं। इस यात्रा के माध्यम से वह यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि वह बिहार की राजनीति से हटने वाले नहीं हैं और अगले 5-10 साल तक संघर्ष करने के लिए तैयार हैं।

कार्यकर्ताओं से विमर्श:

प्रशांत किशोर, जन सुराज पार्टी के जनाधार को बढ़ाने के लिए अपने आगामी कदमों पर काम कर रहे हैं। इसके तहत वह स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं से विमर्श कर रहे हैं। प्रशांत किशोर यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या उनकी पार्टी को आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में भाग लेना चाहिए। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलकर इस पर विचार-विमर्श किया है और इसके बाद जल्द ही एक महत्वपूर्ण निर्णय लेने की बात की है।

निकाय चुनाव में कूद सकती है जन सुराज पार्टी:

बिहार में पंचायत और स्थानीय निकाय के चुनाव दलगत आधार पर नहीं होते हैं, लेकिन प्रशांत किशोर का मानना है कि अगर अच्छे उम्मीदवार, जैसे वार्ड सदस्य, पंचायत प्रतिनिधि, मुखिया और सरपंच चुनाव जीतते हैं, तो इससे लोकतांत्रिक प्रणाली मजबूत होगी और राजनीति में सच्चाई आएगी। वह यह भी मानते हैं कि अगर उनकी पार्टी जन सुराज इस चुनाव में भाग लेती है, तो यह बिहार की राजनीति में एक सकारात्मक बदलाव ला सकता है।

प्रशांत ने कहा, “हम जल्द ही इस बारे में अंतिम निर्णय लेंगे कि क्या हमारी पार्टी को स्थानीय निकाय चुनावों में भाग लेना चाहिए या नहीं।”

लंबी लड़ाई के लिए तैयार हैं प्रशांत किशोर:

बिहार नवनिर्माण यात्रा के दौरान झंझारपुर पहुंचे प्रशांत किशोर ने कहा कि जन सुराज पार्टी की विचारधारा से जुड़े सभी साथियों के साथ मिलकर संगठन का पुनर्गठन किया जा रहा है। चुनाव परिणामों पर बोलते हुए उन्होंने कहा, “हमने न तो गठबंधन किया और न ही जातिवाद या धर्मवाद का सहारा लिया। सही तरीके से चुनाव लड़कर जीतना आसान नहीं होता। हमारी लड़ाई लंबी है और इसमें 5-10 साल का समय लग सकता है।”

प्रशांत किशोर ने यह भी स्पष्ट किया कि, “जो चुनाव होने वाला है, वह दलगत आधार पर तो होगा नहीं, लेकिन हम विचार कर रहे हैं कि क्या जन सुराज को दल के आधार पर भाग लेना चाहिए या नहीं। अप्रैल या मई में इस पर निर्णय लेकर आपको बताएंगे कि जन सुराज इन चुनावों में भाग ले रहा है या नहीं।”

विधानसभा चुनाव में मिली हार:

हालिया विधानसभा चुनाव 2025 में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा था। उनकी पार्टी ने 238 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन एक भी सीट पर सफलता प्राप्त नहीं हुई। इसके अलावा, 236 सीटों पर उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। हालांकि, पार्टी ने 35 सीटों पर एनडीए और महागठबंधन के खेल को बिगाड़ते हुए कुछ महत्वपूर्ण उलटफेर किए थे।

अब, प्रशांत किशोर अपने संगठन को फिर से खड़ा करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं और उनका उद्देश्य आने वाले चुनावों में जन सुराज पार्टी को मजबूत करना है।

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