प्रशांत किशोर ने समाप्त किया मौन उपवास, 15 जनवरी से सभी 1 लाख 18 हजार वार्डों में जाएंगे — ‘बिहार नवनिर्माण संकल्प अभियान’ की घोषणा

बिहार चुनाव के परिणामों के बाद जन सुराज आंदोलन के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने अपने एक दिन के मौन उपवास को शुक्रवार को पश्चिम चंपारण स्थित भितिहरवा गांधी आश्रम में समाप्त किया। सुबह 11:15 बजे स्कूल की बच्चियों ने उन्हें जूस पिलाकर उपवास तुड़वाया, जिसके बाद वे मीडिया से रुबरु हुए।

🔹 गांधी जी की प्रेरणा से फिर शुरू होगा जन संवाद अभियान

प्रेस वार्ता के दौरान प्रशांत किशोर ने कहा कि उनका संघर्ष केवल राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि बिहार के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक पुनर्निर्माण के लिए है।
उन्होंने घोषणा की कि —

“15 जनवरी से हम बिहार के सभी 1 लाख 18 हजार वार्डों में जाकर लोगों से सीधे संवाद करेंगे। ‘बिहार नवनिर्माण संकल्प अभियान’ के तहत सरकार द्वारा किए गए वादों को पूरा कराना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी होगी।”

PK ने कहा कि वे गांधी के विचारों, नैतिकता और जनभागीदारी से प्रेरित होकर फिर से राज्यव्यापी पदयात्रा और जनसंवाद की शुरुआत करेंगे।

🔹 चुनाव परिणामों पर बड़ा आरोप — “गरीबों का वोट 10–10 हजार रुपये में खरीदा गया”

प्रशांत किशोर ने हाल के चुनाव नतीजों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों को आघात पहुंचा है।
उन्होंने आरोप लगाया —

“सरकार ने 10-10 हजार रुपये देकर गरीब परिवारों का वोट खरीदा है। यह लोकतंत्र के साथ अन्याय है और बाबा साहब द्वारा बनाए गए संविधान की मूल भावना का खुला उल्लंघन है।”

PK ने कहा कि ऐसे परिणामों को सामान्य मान लेना जनता के साथ धोखा होगा। जन सुराज गरीबों, युवाओं और किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए जन आंदोलन के रूप में कार्य जारी रखेगा।

🔹 PK का ऐतिहासिक ऐलान — आमदनी का 90% दान और जीवन की अधिकांश संपत्ति जन सुराज को समर्पित

प्रशांत किशोर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक बड़ा निर्णय सार्वजनिक किया। उन्होंने कहा —

“मैं बिहार छोड़कर कहीं नहीं जाऊंगा। अगले 5 साल तक अपनी कमाई का 90% हिस्सा जन सुराज को दान करूंगा।”

उन्होंने यह भी बताया कि पिछले 20 वर्षों में अर्जित अपनी संपत्ति में से वे सिर्फ एक घर अपने पास रखेंगे और शेष पूरी संपत्ति जन सुराज को समर्पित कर देंगे।

PK ने कहा कि —

“जन सुराज केवल राजनीतिक लड़ाई नहीं है, बल्कि नैतिक और सामाजिक परिवर्तन का आंदोलन है। यह मेरे जीवन का उद्देश्य है।”

जन सुराज के आगे की रणनीति

✔ राज्यव्यापी वार्ड स्तर पर संवाद अभियान
✔ आम जनता के मुद्दों और वादों की निगरानी
✔ भ्रष्टाचार और राजनीतिक खरीद-फरोख्त के खिलाफ जनजागरण
✔ नए सामाजिक-राजनीतिक मॉडल का निर्माण

जन सुराज के समर्थकों में उत्साह

PK के घोषणा और गांधी आश्रम से नए संकल्प की शुरुआत के बाद कार्यकर्ताओं व समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला। संगठन की ओर से जल्द ही राज्यभर में बैठकों और प्रशिक्षण शिविरों की घोषणा की जाएगी।

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