
पटना, 18 जुलाई 2025: बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग के बीच अब सड़कों और पोस्टरों पर भी सियासत नजर आने लगी है। शुक्रवार को राजधानी पटना स्थित राजद कार्यालय के बाहर एक विवादास्पद पोस्टर लगाया गया, जिसका शीर्षक है — “बिहार में का बा?”
चंदन मिश्रा हत्याकांड का वीडियो पोस्टर में
पोस्टर में prominently पारस अस्पताल में हुई चंदन मिश्रा की हत्या की CCTV फुटेज की तस्वीर लगाई गई है। इस तस्वीर के नीचे लिखा गया है —
“बिहार में का बा? अपराधियों के गोली का बौछार बा।”
यह वही घटना है, जिसमें गुरुवार सुबह पांच हथियारबंद बदमाशों ने अस्पताल के अंदर घुसकर चंदन मिश्रा की हत्या कर दी थी। मामला अब कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर विपक्षी हमले का केंद्र बन गया है।
“सावन में मटन पार्टी” पर भी तंज
राजद के पोस्टर में केंद्रीय मंत्री ललन सिंह पर भी निशाना साधा गया है। आरोप है कि उन्होंने सावन के महीने में अपने लोकसभा क्षेत्र में मटन पार्टी का आयोजन किया। पोस्टर में व्यंग्यात्मक अंदाज़ में लिखा गया —
“बिहार में का बा? सावन में मटन पार्टी का भोज बा।”
यह टिप्पणी उन आरोपों के जवाब में भी मानी जा रही है, जब लोकसभा चुनाव के दौरान तेजस्वी यादव और मुकेश साहनी द्वारा हेलीकॉप्टर में मछली खाने को लेकर जदयू और बीजेपी ने नवरात्रि के समय धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाया था।
पटना में बढ़ता अपराध: विपक्ष का सवाल
पारस अस्पताल की घटना के बाद एक बार फिर राजधानी पटना और बिहार के अन्य हिस्सों में अपराध के बढ़ते ग्राफ पर सवाल उठ रहे हैं। दिनदहाड़े अस्पताल में घुसकर हत्या जैसे मामलों ने विपक्ष को सरकार पर निशाना साधने का बड़ा मौका दे दिया है।
राजद प्रवक्ताओं का कहना है कि “बिहार में आम लोग सुरक्षित नहीं हैं, और अपराधी खुलेआम गोलीबारी कर रहे हैं। सरकार सत्ता के नशे में मस्त है, जबकि जनता भयभीत है।”
चुनावी माहौल में राजनीतिक हमला तेज
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह पोस्टर केवल विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक रणनीतिक चुनावी संदेश है, जिसका उद्देश्य जनता के बीच सरकार की नाकामी को बार-बार उजागर करना है।
“बिहार में का बा?” — यह वाक्य अब राजनीतिक नारे के रूप में तेजी से फैल रहा है और सोशल मीडिया पर भी वायरल हो चुका है।


