बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी के बाद राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बाद अब प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी इस मामले में बिहार की एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और उसके सहयोगी “अन्याय और अत्याचार के साथ खड़े हैं।”
क्या है पूरा मामला?
कोर्ट के एक पुराने आदेश के तहत पुलिस ने शुक्रवार देर रात पटना से सांसद पप्पू यादव को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके चलते पहले उन्हें आईजीआईएमएस और बाद में पीएमसीएच में भर्ती कराया गया।
कांग्रेस का आरोप है कि यह कार्रवाई राजनीतिक साजिश के तहत की गई है और सरकार असली मुद्दों से ध्यान भटकाना चाहती है।
प्रियंका गांधी का सरकार पर तीखा प्रहार
प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट कर बिहार सरकार की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा—
“पटना के हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही छात्रा के साथ रेप और हत्या का मामला झकझोर देने वाला है। इससे भी ज्यादा खौफनाक सरकार का रवैया है। FIR से लेकर जांच और कार्रवाई तक सबकुछ संदिग्ध बना दिया गया है। यह सब किसे बचाने के लिए हो रहा है?”
उन्होंने आगे कहा—
“हाथरस, उन्नाव, अंकिता भंडारी से लेकर पटना तक—जहां भी महिलाओं के साथ अत्याचार होता है, भाजपा सरकारें पीड़िता को न्याय दिलाने के बजाय आरोपियों के साथ खड़ी दिखती हैं। इस मामले में आवाज उठा रहे सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी उसी असंवेदनशील रवैये की कड़ी है।”
कांग्रेस का आरोप—आवाज दबाने की कोशिश
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पप्पू यादव लगातार छात्रा के मामले में न्याय की मांग कर रहे थे, इसलिए उन्हें निशाना बनाया गया। पार्टी ने गिरफ्तारी को लोकतांत्रिक आवाज दबाने की कोशिश बताया है।
NDA का क्या है पक्ष?
हालांकि बिहार सरकार और पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई है और इसमें किसी तरह का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक यह मामला पुराने अदालती आदेश से जुड़ा है।


