17 जुलाई 2025 | सावन के पवित्र महीने में केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह की ओर से आयोजित ‘मटन पार्टी’ राजनीतिक विवादों में घिर गई है। लखीसराय के सूर्यगढ़ा में कार्यकर्ताओं के लिए आयोजित भोज में ललन सिंह न केवल स्वयं उपस्थित थे, बल्कि तिलक लगाए हुए हाथों से लोगों की थाली में मटन परोसते भी दिखाई दिए। इस दृश्य की तस्वीरें और वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं और राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
सावन में मटन: क्या है विवाद?
ललन सिंह द्वारा आयोजित इस भोज में मांसाहारी भोजन परोसे जाने को लेकर विरोध शुरू हो गया है। हालांकि, केंद्रीय मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि “भोजन तैयार है, बढ़िया भोजन है। सावन वाला भोजन भी है और जो सावन नहीं मना रहे हैं, उनके लिए भी व्यवस्था है।”
उनके साथ बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी भी इस भोज में उपस्थित थे।
विपक्ष ने उठाए सवाल
कांग्रेस नेता बीवी श्रीनिवास ने इस मुद्दे को उठाते हुए बीजेपी-जेडीयू पर निशाना साधा और कहा, “सावन के महीने में मोदी-नीतीश की मटन पार्टी, धर्म के ठेकेदारों डूब मरो।”
हालांकि राजद (RJD) की ओर से इस पर आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन उनके समर्थकों ने सोशल मीडिया पर ललन सिंह की आलोचना करते हुए इसे “सनातन विरोध” करार दिया है।
2024 में तेजस्वी यादव पर हुआ था हमला
इस घटनाक्रम ने 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले के उस प्रकरण की याद दिला दी है जब तेजस्वी यादव और मुकेश सहनी की चैत्र नवरात्र के दौरान मछली खाते हुए तस्वीरें सामने आई थीं। उस वक्त एनडीए ने उन पर तीखा हमला किया था और पीएम मोदी ने भी चुनावी सभाओं में इस मुद्दे को उठाया था। तेजस्वी यादव ने तब स्पष्ट किया था कि वह तस्वीर एक दिन पहले की थी, जिसे बाद में साझा किया गया।
कौन हैं ललन सिंह?
ललन सिंह, वर्तमान में केंद्र सरकार में मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी तथा पंचायती राज मंत्री हैं। वे बिहार के मुंगेर लोकसभा सीट से सांसद हैं और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी माने जाते हैं। पूर्व में वे जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुके हैं और बिहार सरकार में कई अहम विभागों के मंत्री भी रहे हैं।


