बिहार विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद एनडीए के भीतर मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और मंत्री पदों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। लगातार बैठकों के बीच एनडीए के कई नेताओं ने हिंदुस्तान आवाम मोर्चा (हम) प्रमुख और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के बेटे संतोष कुमार सुमन को डिप्टी सीएम बनाए जाने की मांग उठाई है। नेताओं का तर्क है कि इससे मगध क्षेत्र का विकास तेजी से होगा और कई लंबित परियोजनाएं पूरी हो सकेंगी।
मगध के विकास के नाम पर बढ़ी मांग
संतोष सुमन पहले भी मंत्री रह चुके हैं, लेकिन इस बार एनडीए में हम पार्टी की ओर से केवल एक मंत्री बनाए जाने की चर्चा के बीच उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग जोर पकड़ चुकी है। जदयू और हम, दोनों दलों के कुछ नेताओं ने खुले तौर पर इस मांग को सामने रखा है।
जदयू नेता बोले—जनता की मांग
जदयू नेता सब्लू खान ने कहा कि यह केवल राजनीतिक मांग नहीं, बल्कि जनता की इच्छा है।
उन्होंने कहा—
“गया, इमामगंज और आसपास के जिलों का विकास करने के लिए संतोष कुमार सुमन को डिप्टी सीएम बनाया जाना चाहिए। इमामगंज में पिछले ग्यारह महीनों में जितना काम हुआ है, उतना आजादी के बाद कभी नहीं हुआ।”
दूसरे जदयू नेता मोहम्मद अलेक्जेंडर खान ने भी समर्थन करते हुए कहा कि संतोष सुमन महादलित समुदाय से आते हैं और सभी को साथ लेकर चलते हैं। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र के लिए सौभाग्य की बात होगी।
हम नेता बोले—यह मील का पत्थर साबित होगा
हम पार्टी के नेता दिवाकर कुमार ने कहा—
“एनडीए को जब प्रचंड जनादेश मिला है, तो महादलितों और गया क्षेत्र के उत्थान के लिए कुछ बड़ा कदम जरूरी है। संतोष सुमन को डिप्टी सीएम बना दिया जाए, तो यह ऐतिहासिक फैसला होगा।”
संतोष सुमन ने कहा—‘काम ही पहचान है’
डिप्टी सीएम बनाए जाने की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए हम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और निवर्तमान मंत्री संतोष कुमार सुमन ने कहा कि जनता ने विकास के नाम पर उन्हें आशीर्वाद दिया है।
उन्होंने कहा—
“उपमुख्यमंत्री बनाए जाने का कोई मामला नहीं है। हम लोगों का काम करना ही धर्म है। एनडीए की बैठक में जो तय होगा, वही मान्य होगा। जनता की मांग करने का अधिकार है, लेकिन अंतिम फैसला गठबंधन का होगा।”


