बिहार विधान मंडल के बजट सत्र के आखिरी दिन शुक्रवार को सत्तारूढ़ जदयू और विपक्षी राजद के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गया। राजद एमएलसी सुनील कुमार ने मीडिया के सामने दावा किया कि एक कंपनी, जिसका सालाना टर्नओवर 27 करोड़ रुपये है, ने जदयू को 24 करोड़ रुपये का चंदा दिया।
राजद ने जदयू पर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप
सुनील कुमार ने कहा कि जदयू “सबसे बड़ी भ्रष्टाचारी पार्टी” है और वर्षों तक लगातार एक ही कंपनी से चंदा लेती रही। उन्होंने दावा किया कि जदयू ने किंग महेंद्र से करीब पांच वर्षों तक इलेक्ट्रोरल बॉन्ड के जरिए हर महीने 99 लाख रुपये प्राप्त किए।
इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि A2 BS इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी कंपनियों ने, जिनका वार्षिक टर्नओवर 27 करोड़ रुपये था, जदयू को 24 करोड़ रुपये का चंदा दिया। इसके अलावा जिन कंपनियों के पास नगण्य संपत्ति है, उनसे भी करोड़ों रुपये लिए गए। स्मार्ट मीटर परियोजना के नाम पर धन उगाही की बात भी सुनील कुमार ने उठाई।
भ्रष्टाचार और सत्ता में पैसों का खेल
राजद एमएलसी ने कहा,
“सरकार हिरण का चोला पहनकर भेड़िये की तरह काम कर रही है।”
उन्होंने दावा किया कि राजद को मिला हर चंदा पार्टी के खाते में दर्ज है और उसका पूरा विवरण सार्वजनिक है। वहीं जदयू ने कथित रूप से ढाई सौ करोड़ रुपये से अधिक “एक नंबर” का पैसा और कच्ची राशि के रूप में हजार करोड़ रुपये से ज्यादा जुटाए। इसके अलावा, सुनील कुमार ने कहा कि बिहार में तबादलों में बिना पैसों का लेन-देन संभव नहीं है।
मुख्यमंत्री और मंत्रियों को भी घेरा
सुनील कुमार ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अस्वस्थ बताते हुए आरोप लगाया कि उनके आसपास 3-4 मंत्री हैं, जिन्होंने भ्रष्टाचार के जरिए इतनी संपत्ति बनाई है कि कई छोटे राज्यों का बजट भी उससे कम है।
यह आरोप सियासी गलियारों में नई बहस और हलचल पैदा कर रहा है, खासकर बजट सत्र के अंतिम दिन उठाए जाने के कारण।


