नई दिल्ली/पटना। बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को मिली ऐतिहासिक जीत के बाद दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। चुनावी सफलता के तुरंत बाद 26 नवंबर की रात BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा के आवास पर विशेष रात्रि भोज का आयोजन किया गया।
इस डिनर में NDA के शीर्ष रणनीतिकारों और बिहार नेतृत्व ने शिरकत की।
नड्डा के डिनर में अमित शाह, बीएल संतोष और बिहार नेतृत्व की मौजूदगी
रात्रि भोज में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष, बिहार के दोनों डिप्टी सीएम—सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा—शामिल हुए।
इसके अलावा—
- बिहार BJP प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल
- केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय
- कई वरिष्ठ पदाधिकारी और बिहार चुनाव मैनेजमेंट टीम के प्रमुख चेहरे मौजूद रहे।
इस बैठक को चुनाव बाद भविष्य की रणनीति तैयार करने के एक महत्वपूर्ण चरण के रूप में देखा जा रहा है।
अगले ही दिन अमित शाह से मिले डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, सौंपी जीत की जानकारी
NDA की जीत के बाद राजनीतिक व्यस्तता यहीं नहीं रुकी।
अगले ही दिन 27 नवंबर को बिहार के नव-नियुक्त गृह मंत्री व उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की।
मुलाकात शिष्टाचारपूर्ण, लेकिन संकेत बड़े
सम्राट चौधरी ने X (ट्विटर) पर मुलाकात की तस्वीर साझा करते हुए बताया कि—
- उन्होंने अमित शाह से शिष्टाचार भेंट की
- आगामी शासन कार्यों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश एवं मार्गदर्शन प्राप्त किया
- बिहार में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक मजबूती को लेकर चर्चा हुई
यह मुलाकात नई सरकार की प्रशासनिक प्राथमिकताओं और गृह मंत्रालय की कार्यशैली के समन्वय को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
NDA की बड़ी जीत के बाद दिल्ली में क्यों बढ़ी गतिविधियाँ?
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार—
- बिहार में NDA की सफलता ने पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर भी नया उत्साह दिया है
- दिल्ली में लगातार बैठकों और मुलाकातों का मकसद आने वाले महीनों में अन्य राज्य चुनावों की रणनीति को धार देना है
- बिहार सरकार में नेतृत्व परिवर्तन के बाद गृह विभाग की प्राथमिकताओं पर भी कई अहम फैसले लिए जाने हैं
सम्राट चौधरी का गृह मंत्री पद संभालना, कानून-व्यवस्था में बदलाव और सख्ती की दिशा में नए संकेत देता है।


