भागलपुर | 25 जुलाई 2025 — भागलपुर जिले के नाथनगर थाना क्षेत्र स्थित बाबा मनसकामना नाथ मंदिर में गुरुवार देर रात उस समय हंगामा हो गया जब डायल 112 की पुलिस ने विवाह के दौरान मांग में सिंदूर भर रहे दूल्हा-दुल्हन को रोककर नाथनगर थाने पहुंचा दिया।
पुलिस के इस हस्तक्षेप पर दूल्हा-दुल्हन के परिजनों ने थाना परिसर में जमकर हंगामा किया और आरोप लगाया कि बिना सही जानकारी के विवाह रोकना अन्यायपूर्ण है।
प्रेम विवाह में पुलिस की अनचाही एंट्री
जानकारी के अनुसार, तिलकामांझी थाना क्षेत्र के सच्चिदानंद नगर निवासी प्रदीप मंडल की पुत्री लक्ष्मी कुमारी (23) और मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र के नूरपुर नया टोला निवासी कौशल कुमार (25) का बाबा मनसकामना नाथ मंदिर में परिजनों की सहमति से विवाह हो रहा था।
इसी दौरान शादी समारोह में शामिल एक युवक ने डायल 112 पर सूचना दी कि लड़की को भगाकर लाया गया है और जबरन शादी कराई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सिंदूरदान की प्रक्रिया को रोकते हुए दूल्हा-दुल्हन को थाने ले आई।
परिजनों ने दी सफाई, मचा हंगामा
दूल्हे के पिता मुकेश मंडल ने बताया कि उनके बेटे का लड़की से पिछले कुछ समय से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। दोनों हाल ही में घर से भाग गए थे, लेकिन इसके बाद दोनों परिवारों की सहमति से मंदिर में शादी तय हुई थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि गलत सूचना के आधार पर पुलिस ने निजी मामला बताया जाने वाला विवाह रोक दिया, जिससे दोनों परिवारों को अपमानित और अपमानित महसूस हुआ।
पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोग और रिश्तेदार भी थाने पहुंच गए और पुलिस की कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई। परिजनों का कहना है कि जब दोनों बालिग हैं और विवाह आपसी सहमति से हो रहा था, तो पुलिस को इसमें हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए था।
जांच की मांग
परिजनों ने पुलिस अधीक्षक से जांच की मांग की है कि डायल 112 की पुलिस ने किस आधार पर विवाह रोकने जैसा गंभीर कदम उठाया। वहीं, नाथनगर पुलिस का कहना है कि उन्हें सूचना मिली थी कि लड़की नाबालिग है और उसे जबरन विवाह कराया जा रहा है, इसलिए स्थिति स्पष्ट करने के लिए सभी को थाने लाया गया।


