बिहार में ‘बोतल’ पर भारी पड़ी पुलिस! 2026 में दोगुनी हुई शराब की बरामदगी; पड़ोसी राज्यों में घुसकर पकड़े जा रहे ‘शराब के सौदागर’

HIGHLIGHTS: ‘शराबबंदी’ पर पुलिस का अब तक का सबसे बड़ा डेटा

  • रिकॉर्ड तोड़ एक्शन: 2025 के मुकाबले 2026 में हर महीने 18% ज्यादा शराब पकड़ी जा रही है।
  • ब्यूरो का असर: सितंबर 2025 में ‘मद्यनिषेध ब्यूरो’ के गठन के बाद से माफियाओं में हड़कंप; औसत बरामदगी 3.70 लाख लीटर/माह पहुंची।
  • पड़ोसी राज्यों में सर्जिकल स्ट्राइक: झारखंड, यूपी, एमपी और छत्तीसगढ़ में घुसकर हुई 40+ छापेमारी; बड़े माफिया गिरफ्तार।
  • सजा का हंटर: 2025 में 203 लोगों को सजा; 2 को उम्रकैद, जबकि 20 को 10 साल से ज्यादा की जेल।

पटना | 17 मार्च, 2026

​बिहार में शराबबंदी कानून को लेकर सरकार अब ‘नो टॉलरेंस’ मोड में है। मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (Narcotics Control Bureau) के एडीजी अमित कुमार जैन ने आज सरदार पटेल भवन में आंकड़ों का जो ‘पिटारा’ खोला, उसने साफ कर दिया कि पुलिस अब केवल सड़कों पर नहीं, बल्कि डिजिटल मैपिंग और अंतर्राज्यीय इंटेलिजेंस के जरिए शराब माफियाओं की कमर तोड़ रही है।

📊 शराब बरामदगी का ‘ग्राफ’: 2024 बनाम 2026

वर्ष

कुल बरामदगी (लीटर में)

प्रतिमाह औसत (लीटर)

वृद्धि दर (प्रतिमाह औसत)

2024

34,61,096

2,88,425

2025

37,75,321

3,14,610

9% (↑)

2026 (फरवरी तक)

7,41,368

3,70,684

18% (↑)

पड़ोसी राज्यों में ‘घुसकर’ एक्शन: माफियाओं का सेफ हाउस खत्म

​एडीजी ने बताया कि पुलिस अब बॉर्डर पर बैठकर इंतजार नहीं कर रही, बल्कि शराब के सोर्स (Source) को ही खत्म कर रही है।

  1. झारखंड व यूपी: 2025 में रिकॉर्ड 38 छापेमारी दूसरे राज्यों में हुई।
  2. 2026 की शुरुआत: केवल दो महीनों में यूपी और झारखंड में छापेमारी कर 25,997 लीटर शराब और 5 वाहन जब्त किए गए हैं।
  3. बड़े खिलाड़ी ढेर: अन्य राज्यों से अब तक 19 बड़े शराब कारोबारियों को घसीटकर बिहार की जेलों में लाया गया है।

सिर्फ शराब ही नहीं, ‘नशे के जहर’ पर भी प्रहार

​प्रेस वार्ता में चौंकाने वाले आंकड़े नशे के अन्य पदार्थों के भी रहे। फरवरी 2026 तक की बरामदगी:

  • गांजा: 7,415 किलो
  • चरस व हेरोइन: 14 किलो चरस और 8.64 किलो ब्राउन शुगर।
  • दवाइयों का दुरुपयोग: 50,000+ कैप्सूल और 9,743 लीटर कफ सिरप बरामद।
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