पटना।अब बिहार में जमीन विवाद के नाम पर पुलिस की दखलंदाजी बंद होगी। 1 फरवरी से जमीन से जुड़े मामलों में पुलिस सिर्फ कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित रहेगी। उप मुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने गुरुवार को इसका ऐलान किया।
उनकी पहल पर गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविन्द कुमार चौधरी और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके की ओर से संयुक्त आदेश जारी कर दिया गया है, जो 1 फरवरी से लागू होगा।
अब नहीं चलेगी थानों की मनमानी
डिप्टी सीएम ने साफ कहा—
“जमीन विवाद राजस्व और न्यायिक प्रक्रिया का विषय है। पुलिस के नाम पर डराना-धमकाना और कब्जा दिलाना अब नहीं चलेगा। कानून-व्यवस्था के नाम पर अनावश्यक हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
अब पुलिस बिना सक्षम प्राधिकार के आदेश
- न कब्जा दिला सकेगी
- न निर्माण या चहारदीवारी कराएगी
- न किसी पक्ष को डराएगी
संयुक्त आदेश में क्या-क्या प्रावधान हैं?
1. स्टेशन डायरी में अलग एंट्री अनिवार्य
जमीन विवाद की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी को अलग और स्पष्ट एंट्री करनी होगी, जिसमें—
- दोनों पक्षों का नाम-पता
- विवाद का प्रकार (राजस्व, सिविल या आपसी)
- भूमि का पूरा विवरण (थाना, खाता, खेसरा, रकबा, किस्म)
- विवाद का संक्षिप्त विवरण
- पुलिस की प्रारंभिक कार्रवाई
- यह भी लिखना होगा कि मामला किस राजस्व न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में आता है।
2. अंचलाधिकारी को लिखित सूचना
हर मामले की जानकारी संबंधित थाना प्रभारी द्वारा अंचलाधिकारी को लिखित रूप में देनी होगी।
यह सूचना ई-मेल या सरकारी पोर्टल से भी भेजी जा सकेगी।
3. हर शनिवार होगी संयुक्त बैठक
विवाद के समाधान के लिए—
- हर शनिवार अंचल कार्यालय में
- अंचलाधिकारी और थाना प्रभारी की संयुक्त बैठक होगी
- प्रगति रिपोर्ट विभागीय पोर्टल पर अपलोड की जाएगी
- थाना प्रभारी या उनकी अनुपस्थिति में अतिरिक्त थाना प्रभारी शामिल होंगे।
4. 107/116 की कार्रवाई सीमित रहेगी
धारा 107/116 (BNSS के तहत) के तहत कार्रवाई पहले की तरह हो सकेगी, लेकिन—
- इसका दुरुपयोग कर
- जमीन विवाद में अनावश्यक हस्तक्षेप नहीं किया जा सकेगा।
जनता को क्या फायदा?
- अब थाने के चक्कर काटने की मजबूरी नहीं
- पुलिस द्वारा दबाव बनाकर समझौता नहीं
- जमीन विवाद का समाधान अब राजस्व और न्यायिक प्रक्रिया से होगा
यह फैसला राज्य में जमीन विवादों से जुड़ी पुलिसिया मनमानी पर बड़ा अंकुश माना जा रहा है।


