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प्रधानमंत्री तो शिवसेना का होता, भाजपा को मौका देकर हमने गलती कर दी: संजय राउत

ByShailesh Kumar

Jan 24, 2022

महाराष्ट्र में 25 साल के गठबंधन के बाद अब भाजपा जहां विपक्ष में है तो वहीं शिवसेना ने कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बना ली है। लेकिन दोनों दलों के बीच कई साल बीतने के बाद भी तनाव की स्थिति बनी हुई है। रविवार को शिवसेना के संस्थापक रहे बालासाहेब ठाकरे की जयंती पर भी ऐसा ही देखने को मिला। एक तरफ उद्धव ठाकरे ने भाजपा के साथ 25 साल की दोस्ती को दुर्भाग्यूपर्ण बताया तो वहीं अब संजय राउत का कहना था कि यदि हमने उन्हें मौका न दिया हो तो शिवसेना का प्रधानमंत्री होता। शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि यदि हमने भाजपा को उत्तर भारत में मौका न दिया हो तो आज देश में हमारी पार्टी का पीएम होता।

संजय राउत ने कहा, ‘हम भाजपा को महाराष्ट्र में एकदम निचले स्तर से टॉप पर लेकर आ गए। बाबरी ढांचा गिरने के बाद उत्तर भारत में शिवसेना की लहर थी। उस समय यदि हम चुनाव लड़े होते तो फिर देश में आज शिवसेना का पीएम होता, लेकिन हमने वहां उनके लिए छोड़ दिया।’ संजय राउत का बयान ऐसे वक्त में आया है, जब दोनों दलों के बीच जुबानी जंग तेज है। इससे पहले उद्धव ठाकरे भी कह चुके हैं कि भाजपा के साथ हमारा गठबंधन दुर्भाग्यपूर्ण था। यही नहीं उद्धव ठाकरे ने अपनी तबीयत खराब होने पर भाजपा की ओर से तंज कसे जाने पर भी हमला बोला। ठाकरे ने कहा कि मैं जल्दी ही पूरे महाराष्ट्र का दौरा करूंगा।

संजय राउत ने कहा कि भाजपा सिर्फ हिंदुत्व का इस्तेमाल करती है ताकि सत्ता में आया जा सके। भाजपा की ओर से भी उद्धव ठाकरे पर हमला बोला गया है। भाजपा नेता राम कदम ने कहा, ‘हिंदुत्व पर लेक्चर देने से पहले उद्धव ठाकरे को आत्मावलोकन करना चाहिए कि शिवसेना बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा पर चल रही है या नहीं। उन्होंने कहा था कि अपनी जिंदगी और राजनीति में वह कभी कांग्रेस के साथ नहीं जाएंगे और यदि कभी ऐसी स्थिति पैदा होती है तो वह शिवसेना के दफ्तर को ही बंद करना ठीक समझेंगे।’ भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा ने शिवसेना के बयानों पर पलटवार किया है। पात्रा ने कहा कि शिवसेना तो बालासाहेब ठाकरे के सिद्धांतों से भी मुकर गई है।