
हैदराबाद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेलंगाना दौरे के दौरान एक बार फिर भ्रष्टाचार और विकास के मुद्दे पर विपक्षी सरकारों को घेरते हुए बड़ा बयान दिया। हैदराबाद में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार राज्यों के विकास के लिए पूरी ईमानदारी से पैसा भेजती है, लेकिन कुछ राज्यों में वह राशि जनता तक पहुंचने से पहले ही कम हो जाती है। उन्होंने गुजरात का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां योजनाओं का पूरा लाभ जनता तक पहुंचता है, जबकि तेलंगाना में पैसा “आते-आते आधा हो जाता है”।
प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब तेलंगाना में राजनीतिक माहौल पहले से ही गर्म है और राज्य सरकार पर विपक्ष लगातार भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहा है। पीएम मोदी के इस बयान के बाद कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों के बीच हलचल तेज हो गई। मंच पर मौजूद मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी इस टिप्पणी पर मुस्कुराते हुए नजर आए, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे केंद्र और राज्य सरकार के बीच बढ़ते टकराव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
9,400 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद में करीब 9,400 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। यह कार्यक्रम हैदराबाद इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (HICC) में आयोजित किया गया, जहां राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी समेत कई वरिष्ठ नेता और अधिकारी मौजूद रहे।
इन परियोजनाओं में सड़क, रेलवे, टेक्सटाइल, ऊर्जा और औद्योगिक विकास से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने डिजिटल माध्यम से विभिन्न परियोजनाओं की शुरुआत की और कहा कि ये योजनाएं तेलंगाना की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगी।
भ्रष्टाचार पर पीएम मोदी का सीधा निशाना
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने बिना किसी का नाम लिए राज्य सरकारों में भ्रष्टाचार की समस्या पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की मंशा साफ है और वह हर राज्य के विकास के लिए आवश्यक फंड देने को तैयार है। पीएम मोदी ने कहा कि अगर विकास के लिए पैसे का सही इस्तेमाल हो तो किसी भी राज्य की तस्वीर बदल सकती है।
उन्होंने कहा कि गुजरात जैसे राज्यों में योजनाओं का लाभ तेजी से लोगों तक पहुंचता है, लेकिन कुछ जगहों पर व्यवस्था के भीतर ही रिसाव हो जाता है। उनके इस बयान को सीधे तौर पर तेलंगाना सरकार पर हमला माना गया। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए प्रधानमंत्री का यह बयान काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हैदराबाद-पणजी कॉरिडोर सहित कई बड़ी परियोजनाएं
प्रधानमंत्री ने जिन परियोजनाओं की आधारशिला रखी, उनमें हैदराबाद-पणजी आर्थिक गलियारे के तहत गुडेबेल्लूर से महबूबनगर तक राष्ट्रीय राजमार्ग-167 को चार लेन में विकसित करने की योजना शामिल है। इस परियोजना से तेलंगाना और पड़ोसी राज्यों के बीच संपर्क बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है।
इसके अलावा काजीपेट-विजयवाड़ा मल्टी-ट्रैकिंग रेलवे परियोजना के कई हिस्सों का उद्घाटन भी किया गया। रेलवे परियोजना पूरी होने के बाद दक्षिण भारत में माल और यात्री ट्रेनों की आवाजाही अधिक तेज और सुगम होने की संभावना है।
प्रधानमंत्री ने हैदराबाद में ग्रीनफील्ड पीओएल टर्मिनल, काजीपेट रेल अंडर बाईपास और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया। सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं से व्यापार, लॉजिस्टिक्स और उद्योगों को बड़ा फायदा मिलेगा।
भारत के पहले पूर्ण विकसित पीएम मित्र पार्क का उद्घाटन
वारंगल में प्रधानमंत्री ने देश के पहले पूरी तरह संचालित पीएम मित्र पार्क का उद्घाटन भी किया। काकतीय मेगा टेक्सटाइल पार्क के नाम से विकसित यह परियोजना करीब 1,700 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गई है। केंद्र सरकार इसे भारत के टेक्सटाइल सेक्टर में गेम चेंजर प्रोजेक्ट के रूप में देख रही है।
सरकार के अनुसार यह पार्क लगभग 1,327 एकड़ भूमि में फैला हुआ है और यहां टेक्सटाइल उद्योग से जुड़ी पूरी वैल्यू चेन विकसित की जा रही है। कपड़ा मंत्रालय का दावा है कि इस परियोजना में आने वाले वर्षों में 6,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हो सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह पार्क भारत में कपड़ा उद्योग को नई दिशा देगा और खासकर महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार के बड़े अवसर तैयार करेगा। उन्होंने कहा कि तेलंगाना का वारंगल आने वाले समय में टेक्सटाइल उद्योग का बड़ा केंद्र बन सकता है।
लाखों रोजगार सृजन का दावा
सरकार का कहना है कि पीएम मित्र पार्क के जरिए करीब 24,400 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे, जबकि अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर इससे कहीं अधिक होंगे। परियोजना के लिए अधिकांश भूमि पहले ही आवंटित की जा चुकी है और कई कंपनियों ने यहां निवेश में रुचि दिखाई है।
केंद्र सरकार देश के सात राज्यों में पीएम मित्र पार्क विकसित कर रही है। इनमें तेलंगाना, गुजरात, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश शामिल हैं। इन पार्कों को आधुनिक टेक्सटाइल हब के रूप में विकसित किया जा रहा है ताकि भारत वैश्विक कपड़ा बाजार में अपनी स्थिति मजबूत कर सके।
‘राज्यों के विकास के बिना देश आगे नहीं बढ़ सकता’
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में कहा कि भारत इस समय तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्थिक सुधारों की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी देश की प्रगति उसके राज्यों के विकास पर निर्भर करती है। अगर राज्य मजबूत होंगे तो देश भी मजबूत होगा।
उन्होंने तेलंगाना की जनता को भरोसा दिलाते हुए कहा कि केंद्र सरकार राज्य के विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करती रहेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ परियोजनाएं शुरू करना नहीं, बल्कि उन्हें समय पर पूरा करना भी है।
राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे
प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे को केवल विकास परियोजनाओं तक सीमित नहीं देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तेलंगाना में बीजेपी अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है और ऐसे में भ्रष्टाचार का मुद्दा आने वाले समय में बड़ा चुनावी हथियार बन सकता है।
राज्य में कांग्रेस सरकार बनने के बाद बीजेपी लगातार सरकार पर भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही के आरोप लगाती रही है। पीएम मोदी के बयान ने इस बहस को और तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि तेलंगाना सरकार प्रधानमंत्री की टिप्पणी पर किस तरह प्रतिक्रिया देती है और इसका राज्य की राजनीति पर क्या असर पड़ता है।


