प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस में चक्रवात चिडो से हुई तबाही पर जताया शोक, राहत सहायता की पेशकश

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फ्रांस के मायोट में चक्रवात चिडो से हुई तबाही पर दु:ख जताते हुए कहा कि भारत फ्रांस के साथ एकजुटता से खड़ा है और हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है। पीएम मोदी ने विश्वास व्यक्त किया कि राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के नेतृत्व में फ्रांस दृढ़ता और दृढ़ संकल्प के साथ इस त्रासदी से उबर जाएगा।

एक्स पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री ने लिखा

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर लिखा “मायोटे में चक्रवात चिडो के कारण हुई तबाही से बहुत दुखी हूं। मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ हैं। मुझे विश्वास है कि राष्ट्रपति @EmmanuelMacron के नेतृत्व में, फ्रांस दृढ़ता और दृढ़ संकल्प के साथ इस त्रासदी से उबर जाएगा। भारत फ्रांस के साथ एकजुटता में खड़ा है और हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है।”

राष्ट्रपति मैक्रों मायोट का दौरा करेंगे

राष्ट्रपति मैक्रों के जल्द ही मायोट का दौरा करने की उम्मीद है। उन्होंने राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। फ्रेंच प्रेसिडेंट ने एक्स पर लिखा, “मैं आने वाले दिनों में अपने नागरिकों, सिविल सेवकों और आपातकालीन सेवाओं की मदद के लिए मायोट की यात्रा करूंगा। यह आपात स्थितियों से निपटने और भविष्य के लिए तैयारी करने के बारे में है। इस त्रासदी का सामना करते हुए, जो हम सभी को परेशान कर रही है, मैं राष्ट्रीय शोक की घोषणा करता हूं।”

22 दिसंबर को आए तूफान ने अब तक 22 लोगों की जान ले ली

बता दें कि 13 दिसंबर की रात को मायोट में आए चक्रवात चिडो की वजह से 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं, जिससे 90 साल से भी ज्यादा समय में सबसे शक्तिशाली तूफान आया। तूफान ने अब तक 22 लोगों की जान ले ली है, 1,400 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं और लगभग 70 प्रतिशत आबादी इससे प्रभावित हुई है।

तूफान की वजह से व्यापक क्षति हुई

तूफान की वजह से घरों, सरकारी इमारतों और एक अस्पताल को नुकसान पहुंचा। माना जा रहा है कि व्यापक क्षति हुई है। मायोट के मुख्य एयरपोर्ट को नागरिक उड़ानों के लिए बंद कर दिया गया है, राहत प्रयासों के लिए केवल सैन्य विमान ही उड़ान भर रहे हैं। फ्रांस ने द्वीप पर बचाव दल और मेडिकल कर्मियों को भेजा है। लोग पानी और जरूरी आपूर्ति की तलाश में किराने की दुकानों के बाहर लाइन में खड़े हैं।

चक्रवात ने पड़ोसी मेडागास्कर को भी भारी नुकसान पहुंचाया। तूफान रविवार देर रात अफ्रीकी मुख्य भूमि मोजाम्बिक में भी पहुंचा। हालांकि, चक्रवात के मार्ग में स्थित मायोट सबसे अधिक प्रभावित हुआ है।

  • Related Posts

    कल्याण विगहा में ‘निशांत’ उदय! पूर्वजों के आशीर्वाद से शुरू किया सियासी सफर; समर्थकों ने लगाए ‘भावी मुख्यमंत्री’ के नारे, क्या नीतीश के उत्तराधिकारी तैयार हैं?

    Share Add as a preferred…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *